संभल में झोलाछाप के इंजेक्शन से महिला को इन्फेक्शन:स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुकान सील की, परिजन ऋषिकेश एम्स ले गए

संभल में झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के बाद एक विधवा महिला के पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई है। मुरादाबाद के डॉक्टरों ने महिला को उत्तराखंड के ऋषिकेश एम्स ले जाने की सलाह दी है। महिला के ग्राम प्रधान भतीजे की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डॉक्टर की दुकान को सील कर दिया है। यह घटना संभल जनपद की तहसील चंदौसी के थाना बहजोई क्षेत्र के सिंहपुर गांव की है। गांव निवासी राजरानी, पत्नी स्वर्गीय सुरेंद्र, को 5 मार्च को बुखार आया था। उन्हें गांव भवन के एक झोलाछाप डॉक्टर को दिखाया गया, जिसने इंजेक्शन लगाया। इसके बाद राजरानी की हालत बिगड़ने लगी और उनके पूरे शरीर में संक्रमण फैलना शुरू हो गया। महिला के भतीजे विनोद (ग्राम प्रधान) की शिकायत पर शनिवार शाम करीब 6 बजे स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. विश्वास अग्रवाल अपनी टीम के साथ गांव भवन पहुंचे। टीम ने झोलाछाप डॉक्टर की दुकान पर छापा मारा और उसे सील कर दिया। इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही गांव सहित आसपास के इलाकों में बिना डिग्री के क्लीनिक चला रहे झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। राजरानी की हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए बहजोई और चंदौसी के निजी अस्पतालों में ले गए, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में उन्हें मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें उत्तराखंड के ऋषिकेश एम्स ले जाने की सलाह दी। भतीजे विनोद ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन के कारण उनकी ताई की हालत बिगड़ी है और इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस को शिकायत दी गई है। नोडल अधिकारी डॉ. विश्वास अग्रवाल ने बताया कि शिकायत के आधार पर बिना डिग्री के संचालित की जा रही इस दुकान का निरीक्षण किया गया। कमियां पाए जाने पर दुकान को सील कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि झोलाछाप क्लीनिक पर कोई व्यक्ति नहीं मिला और स्वास्थ्य विभाग की ओर से झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ थाना पुलिस को शिकायत दी जा रही है।