संभल में फर्जी वोटों की जांच के दौरान पथराव:डिप्टी कलेक्टर और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में हंगामा, 7 हिरासत में

संभल जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची में फर्जी आधार कार्ड से वोट बनाने के मामले की जांच के दौरान हंगामा हो गया। डिप्टी कलेक्टर और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में वर्तमान प्रधान और प्रधान पद के प्रत्याशी के समर्थक आपस में भिड़ गए। पुलिस ने मौके से सात लोगों को हिरासत में लिया है। यह घटना जनपद संभल के थाना असमोली एवं विकासखंड असमोली क्षेत्र के गांव विलालपत में मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे हुई। डिप्टी कलेक्टर नीतू रानी और संभल के नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल ग्राम पंचायत सचिवालय कार्यालय पर आधार कार्ड लगाकर बनाई गई मतदाता सूची में वोटों की जांच करने पहुंचे थे। अधिकारियों के दोनों पक्षों की बात सुनने के दौरान ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया। मौजूदा प्रधान मोहम्मद कमर और प्रधान पद के प्रत्याशी आबिद के समर्थकों के बीच हुए इस झगड़े में कई लोग घायल हुए। बवाल बढ़ता देख डिप्टी कलेक्टर और नायब तहसीलदार ने कार्यालय के अलग-अलग कमरों में छिपकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलने के 20-25 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। थाना प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि गांव विलालपत में वोटों की जांच के दौरान प्रधान और प्रधान पद प्रत्याशी के लोगों के बीच झगड़ा हुआ है। शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। एसडीएम रामानुज ने बताया कि इस मामले में लेखपाल गुन्नू बाबू का तबादला कर दिया गया है। यह जांच मौ. कमर और मौ. फारूख नामक ग्रामीणों की शिकायत पर शुरू हुई थी। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर एक जांच समिति गठित की गई थी। जांच आख्या संख्या-228/शि.लि. के आधार पर यह खुलासा हुआ कि कई व्यक्तियों ने बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। जांच में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वोट बनवाने का मामला सामने आया, जिसमें 50 से अधिक व्यक्तियों को दोषी पाया गया। इन लोगों ने बीएलओ की मिलीभगत से अपने वोट बनवाए थे। इस संबंध में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी। बीती 23 दिसंबर को जांच में कुल 50 से अधिक व्यक्तियों को फर्जीवाड़े का दोषी पाया गया है। इनमें शहनवाज पुत्र शौकीन, अजीम पुत्र शौकीन, जीशान पुत्र इरशाद, आमिर पुत्र हसनैन, मौसिम पुत्र रमजानी, आले नवी पुत्र बाबू, भूरा पुत्र जाकिर, मौ आमिर पुत्र मौ. रिहान, जुबैर पुत्र दिलशाद, जुनैद पुत्र नौशाद, अस्ताना पुत्री इरशाद, शिफा पुत्री मासूक, फिजा पुत्री अकबर, उजमा पुत्री आरिफ, अनम पुत्री आरिफ, सैफुल पुत्र जमील, सना पुत्री मुमताज, समीर पुत्र शमीम, खेरुल निशा पुत्री आले हसन, नुरे शवा पुत्री आले हसन, तराना पुत्री कल्लू, फरीदा पुत्र नन्हें खां, फरमान अली पुत्र नन्हें खा, अलशीफा पुत्री शहादत, मौ. सौबी पुत्र आबिद अली, अलीमा पुत्री तोहब्बर, मौ. समी पुत्र आबिद, रजिया पुत्री शौकीन, गुलफिजा पुत्र रिहान, मौ. तैयब पुत्र जुम्मा, गुलाम मोहम्मद पुत्र जुम्मा, कासिम पुत्र नूर मोहम्मद, शाहिस्ता पुत्र असलम, फैजान पुत्र असलम, नरगिस पुत्री मौ. कासिम, राबिया पुत्री तालिब, मौ. सोहिल पुत्र साकिर, दाऊद अली पुत्र राजुद्दीन, मौ. जैद पुत्र इकरार, सावेश पुत्र साजिद, मुस्कान पुत्री मौ. हुसैन, जुनैद पुत्र यासीन, यामीन पुत्र सगीर, जुनैद आलम पुत्र इजहारूल, रिहान पुत्र मोमीन, मौहम्मद कैफ पुत्र रईस अहमद, दानिश पुत्र अफसर और तनवीर पुत्र फरियाद शामिल हैं। ये सभी बिलालपत गांव के निवासी हैं।