संभल में महंत बोले- जरूरत पड़ी तो 6 दिसंबर दोहराएंगे:इंस्पेक्टर पर भड़के; DM के फोन के बाद 22 किमी पदयात्रा रद्द की

संभल में निकलने वाली 22 किमी की पदयात्रा को रद्द कर दिया गया है। डीएम राजेंद्र पैंसिया ने यात्रा निकाल रहे मां कैला देवी मंदिर के महंत ऋषिराज से कॉल पर बात की। फोन को स्पीकर पर रखवाकर डीएम ने कहा, “सभी संतों से अनुरोध है कि यह यात्रा मंदिर प्रांगण में ही निकालें। 22 किमी की यात्रा मत निकालें, जिले की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन की मदद करें।” इसके बाद महंत ने 22 किमी की यात्रा रद्द कर दी। सिर्फ मां कैला देवी मंदिर के चारों तरफ एक किमी की पदयात्रा निकाली। इस दौरान महंत ने यात्रा में आए लोगों से कहा- हम 2026 का इंतजार करेंगे। जरूरत पड़ी तो 6 दिसंबर 1992 को दोहराएंगे।” इससे पहले, यात्रा के लिए मंदिर परिसर में हजारों लोग जुटे। लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली और डीसीएम से पहुंचे। पुलिस ने मंदिर के बाहर बैरिकेडिंग लगाई तो महंत समर्थकों के साथ पहुंचे और बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की। पुलिस ने रोका तो महंत इंस्पेक्टर पर भड़क गए। कहा, “बैरिकेडिंग हटाओ, हमारे समर्थकों को आने दो। हरिहर मंदिर परकोटे की परिक्रमा करके रहेंगे।” यात्रा रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई। RAF और PAC के 200 से अधिक जवान तैनात रहे। 8 थानों की पुलिस और 4 क्षेत्राधिकारी (CO) भी ड्यूटी पर लगाए गए। 400 CCTV कैमरों और ड्रोन से निगरानी होती रही। महंत ऋषिराज गिरि ने 3 दिन पहले हरिहर मंदिर परकोटे की पदयात्रा का ऐलान किया था। कहा था, “मां कैलादेवी धाम से विवादित स्थल तक पदयात्रा निकालेंगे और हरिहर मंदिर परकोटे की परिक्रमा करेंगे।” इस पर जामा मस्जिद की इंतेजामिया कमेटी के पक्षकार सदर जफर अली ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह परंपरा शुरू करना गलत है। उनका दावा है कि मस्जिद में कभी भी परिक्रमा नहीं हुई। तस्वीरें देखिए- पोल में हिस्सा लेकर राय दें- आज ही के दिन पदयात्रा का ऐलान क्यों किया था? पिछले साल इसी दिन हिंदू संगठनों ने जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए संभल कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कमिश्नर सर्वे के आदेश दिए थे, जिसके बाद उसी दिन शाम को सर्वे कराया गया था। इसके बाद 24 नवंबर को दोबारा जब टीम सर्वे करने पहुंची तो हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी। संभल में पदयात्रा से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…