संभल में महिला को हत्या में 10 साल की जेल:संपत्ति को लेकर भतीजी को मारा था, पति फरार; बुआ को सजा

संभल की अदालत ने पांच साल पुराने हत्या के एक मामले में फैसला सुनाया है। मामले में मृतका की बुआ फिरदौस को 10 साल कैद और 10,000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। हालांकि, मामले का दूसरा आरोपी और फिरदौस का पति फरमान फैसले के दौरान अदालत में पेश नहीं हुआ और फरार हो गया। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉस्को एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। मामला 13/14 जून 2020 का है, जब संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देहली दरवाजा में महक पुत्री अनवर की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि यह हत्या संपत्ति के बंटवारे को लेकर हुए विवाद का बदला लेने के लिए की गई थी। फिरदौस ने अपनी भतीजी महक की शादी अपने देवर फरमान से कराई थी, जिसके बाद दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। सजा सुनाए जाने के बाद महिला अभियुक्ता फिरदौस को जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपी फरमान की तलाश जारी है। शुरुआत में, फिरदौस ने ही पुलिस को घटना की सूचना दी थी और मृतका के भाई एवं पिता के खिलाफ हत्या की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस विवेचना में फिरदौस पत्नी मेहंदी हसन निवासी मोहल्ला देहली दरवाजा और उसके पति फरमान पुत्र फुरकान निवासी मोहल्ला कायस्थान, कस्बा व थाना हसनपुर, जनपद अमरोहा का नाम सामने आया। बुआ/चाची ने मकान के बंटवारे का बदला लेने के लिए अपनी भतीजी की शादी देवर से कराई थी, घटना से तीन साल पहले महक और हत्यारोपी उसके पति फरमान ने भागकर की थी। लॉकडाउन में महक अपनी बुआ के पास आकर रहने लगी थी और दबाव बनाया कि अपनी मां से ₹2,00,000 मांग लो। उसने अपनी बुआ/चाची की बात नहीं मानी तो दोनों ने मिलकर सोते समय गलत दबाकर हत्या कर दी और मृतका के परिजनों को बाथरूम में शव पड़ा होने की सूचना दे दी, परिजनों की घटनास्थल पर पहुंचने से पहले खुद ही पुलिस को सूचना देकर उसके सगे भाइयों और पिता का हत्या करने का आरोप लगा दिया।