मैनपुरी पुलिस ने सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। रविवार को पुलिस लाइंस सभागार में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात अरुण कुमार सिंह, सीओ ट्रैफिक दीपशिखा सिंह और यातायात प्रभारी सुनील कुमार सिंह सहित ट्रैफिक और थाना पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में यूपी यातायात (ZFD) योजना के तहत मैनपुरी के 6 क्रिटिकल कॉरिडोर के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों को मौके पर तत्काल कार्रवाई करने, वास्तविक समय की निगरानी रखने और जोखिम वाले क्षेत्रों में हॉटस्पॉट चिन्हित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब ‘रूटीन चेकिंग’ के बजाय डेटा आधारित और स्पॉट-केंद्रित कार्रवाई की जाएगी, विशेषकर उन स्थानों पर जहां सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती हैं। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि सड़क हादसों को कम करने के लिए केवल चालान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि लोगों के व्यवहार और यातायात प्रणाली दोनों में बदलाव लाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से गठित टीमों को जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ ब्लैक स्पॉट पर इंजीनियरिंग सुधार कराने की जिम्मेदारी भी दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब सड़क पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्रिटिकल कॉरिडोर वाले सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा, लगातार गश्त की जाएगी और मौके पर ही कार्रवाई की योजना लागू की जाएगी। मैनपुरी पुलिस को विश्वास है कि यह नया मॉडल आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा को एक नई दिशा प्रदान करेगा।