सहारनपुर में कृषि सूचना तंत्र सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय एग्रोक्लाइमेटिक किसान मेला और गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बुधवार को दिल्ली रोड स्थित जश्न बैंक्वेट हॉल में हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री कुँवर बृजेश सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि रामपुर मनिहारान विधायक देवेन्द्र निम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राज्यमंत्री कुँवर बृजेश सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हित में लगातार योजनाएं चला रही है। उन्होंने गन्ना मूल्य में वृद्धि का उल्लेख किया, जिससे गन्ना किसानों की आय बढ़ेगी। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन करने का आह्वान किया, ताकि आय दोगुनी करने का लक्ष्य प्राप्त हो सके। विधायक देवेन्द्र निम ने कृषि विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से इन स्टालों पर प्रदर्शित नवाचारों को अपनाने का आग्रह किया, जिससे खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके। गोष्ठी में विशेषज्ञों ने किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक गुंजन विश्वकर्मा ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और नैनो पोटाश जैसे उर्वरकों के प्रयोग से उत्पादन बढ़ाने के तरीके बताए। एफपीओ निदेशक संजय सैनी ने मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन और औषधीय पौधों की खेती को कृषि विविधीकरण का प्रभावी माध्यम बताया। जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. वीरेन्द्र वर्मा ने रबी फसलों की उन्नत खेती पर प्रकाश डाला। प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. आई.के. कुशवाह ने सरसों सहित अन्य फसलों में कीट-रोग नियंत्रण की तकनीकों से अवगत कराया। डॉ. रविन्द्र तोमर ने फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व पर जोर देते हुए मृदा स्वास्थ्य सुधारने की सलाह दी। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती, गौ आधारित खेती, जीवामृत और बीजामृत जैसे उपायों पर भी जानकारी दी गई। विभिन्न विभागों द्वारा लगभग 25 स्टॉल लगाए गए थे। अंत में, उप कृषि निदेशक संदीप पाल ने सभी अतिथियों, किसानों और सहयोगी विभागों का आभार व्यक्त किया।