यूपी के सहारनपुर में महिला की गीजर से निकलने वाली गैस से मौत हो गई। वह बाथरूम में नहाने गई थी। काफी देर तक बाहर नहीं आईं तो परिजनों को शक हुआ। कई बार आवाज दी। दरवाजा खटखटाने पर भी आहट नहीं हुई। कोई आवाज नहीं आने पर दरवाजा तोड़कर देखा तो वह बेहोश मिली। तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों को अंदेशा है कि गीजर से गैस लीक के बाद दम घुटने से महिला की मौत हुई है। घटना गुरूवार को थाना रामपुर मनिहारान क्षेत्र की है। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझिए- पड़ोसी बोले- इतनी जल्दी मौत हो जाएगी सोचा नहीं था मोहल्ले के लोगों ने बताया कि पूनम का परिवार बहुत ही सीधा-साधा है। उनका स्वाभाव मिलनसार था। घर-परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाती थीं। उसकी मौत इतनी जल्दी हो जाएगी, किसी ने ऐसा सोचा भी नहीं था। थाना रामपुर मनिहारान के इंस्पेक्टर राधेश्याम यादव ने बताया- परिवार के लोगों ने किसी भी कार्रवाई से मना कर दिया था। जिस कारण पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और उनके द्वारा शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। अगर घर में गैस गीजर है तो ये सावधानियां बरतें गीजर लगे बाथरूम में ये गलतियां न करें बेचैनी, घबराहट, मेमोरी लास हो सकती है वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा का कहना है- लोग घर पर गर्म पानी के लिए गीजर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में गैस लीक जानलेवा हो सकती है। चक्कर आना, बेचैनी, घबराहट, मेमोरी लास हो जाना और अचानक से दौरे की समस्या भी सकती है। ‘3 मिनट भी बाथरूम के अंदर रह जाए तो मौत’ एक्सपर्ट कहते हैं कि जब हम छोटे बाथरूम में गैस के सिलेंडर वाले गीजर का इस्तेमाल करते हैं तो बाथरूम में वेंटिलेशन बहुत जरूरी हो जाता है। कम आक्सीजन की स्थिति में जैसे ही एलपीजी जलती है, इससे कार्बन डाइआक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। कार्बन मोनोआक्साइड भी बनती है। अगर ऐसे वातावरण में व्यक्ति 3 मिनट भी बाथरूम के अंदर रह जाए तो उसकी मौत हो सकती है। ———————— यह खबर भी पढ़ें… मधुमक्खियों के हमले से जलती चिता छोड़कर भागे ग्रामीण:जालौन में 500 मीटर भागकर बचाई जान, 50 लोग घायल
जालौन में एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार में अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। लोग जलती चिता छोड़कर भागे। 500 दूर जाकर जंगल-झांडियों और जमीन पर लेट गए। फिर भी मधुमक्खियों ने करीब 50 लोगों को डंक मारकर घायल किया है। तीन ग्रामीण बेहोश हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया। घायलों को कदौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। जहां घायलों का इलाज जारी है। कई ग्रामीणों ने गांव में ही इलाज करवाया है। मामला कदौरा विकासखंड अंतर्गत महमूद नगर डाले का पुरवा बड़ा गांव का है। पढ़िए पूरी खबर…