हाथरस के महिला थाने में एक महिला ने अपनी बेटी के ससुराल वालों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करने के बाद भी ससुराल वालों ने बेटी को विदा नहीं किया और पैसे भी ले लिए। महिला थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली सिकंदराराऊ के कस्बा पुरदिलनगर मोहल्ला गड़डा निवासी नूरजहां बेगम ने अपनी बेटी हाजरा खातून का रिश्ता अलीगढ़ के अतरौली निवासी अरशद पुत्र असलम खां से तय किया था। करीब एक साल पहले हुई मंगनी में नूरजहां ने 1,40,000 रुपए का घरेलू सामान, एक सोने की अंगूठी, तीन चांदी की अंगूठी, पांच तोले की तोड़िया और 21 हजार रुपए नकद दिए थे। आरोप है कि मंगनी के बाद अरशद और उसके परिवार वालों ने विवाह के लिए एक बाइक की मांग की। ने देने पर शादी तोड़ने की धमकी दी। लड़की की मां नूरजहां ने 50 हजार रुपए नकद देने की बात कही। इसके बाद अरशद ने सुलह कर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए मां-बेटी को हाथरस के सामाजिक कल्याण कार्यालय बुलाया और 10 नवंबर 2024 को विवाह संपन्न कराया। शादी के बाद ससुराल वालों ने हाजरा खातून को दो महीने बाद विदा कराकर ले जाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने बेटी की मां से 50 हजार रुपए नकद और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाले 30 हजार रुपए भी ले लिए। हालांकि, अभी तक उन्होंने बेटी को ससुराल नहीं भेजा है। महिला थाने में दर्ज हुआ है मुकदमा इस बात से परेशान होकर मां-बेटी ने पुलिस से संपर्क किया। उनकी तहरीर के आधार पर आज गुरुवार की देर शाम महिला थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।