‘साहब! मैं जिंदा हूं, 3 साल से चक्कर लगा रही’:अफसर हर दिन टाल रहे, अलीगढ़ में महिला का बना दिया डेथ सर्टिफिकेट

‘साहब! मैं जिंदा हूं, लेकिन 2022 से खुद को जिंदा साबित करने के लिए रोज तहसील और ब्लॉक के चक्कर लगा रही हूं। हर दिन अफसरों के कल-कल कहते हुए 3 साल बीत गए, और अब हालत यह है कि मेरा आधार कार्ड तक बंद हो गया है। इसके चलते मैं अपने ही खातों से पैसे नहीं निकाल पा रही हूं।’ यह कहना है अलीगढ़ की सरोज देवी का। खैर तहसील के चमन नगरिया गांव की रहने वाली सरोज देवी शनिवार को अपने बेटे के साथ एसडीएम से मिलने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने ये बातें एसडीएम से कही। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… पति की जगह पर पत्नी का बना दिया मृत्यु प्रमाण पत्र
सरोज देवी के पति जगदीश प्रसाद की मृत्यु 19 फरवरी 2000 को हो गई थी। इसके बाद उन्होंने मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन सेक्रेटरी ने जगदीश प्रसाद की जगह सरोज देवी का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। जैसे ही परिजनों ने सरोज देवी का प्रमाणपत्र देखा, उनके होश उड़ गए। इसके बाद सरोज देवी सेक्रेटरी के पास पहुंचीं और मृत्यु प्रमाणपत्र में हुई गलती के बारे में उन्हें बताया। सेक्रेटरी ने सुधार करने का भरोसा दिया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। तभी से सरोज देवी लगातार सेक्रेटरी, ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगा रही हैं। पति का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए किया था आवेदन
सरोज देवी ने बताया-मेरे पति जगदीश प्रसाद की मृत्यु 19 फरवरी 2000 को हो गई थी। उस समय मृत्यु प्रमाणपत्र की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन जब सरकारी कामों के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ी, तो मैंने साल 2022 में खैर ब्लॉक में पति के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। पति के स्थान पर जीवित पत्नी को दिखाया मृत
अपनी मां के साथ तहसील पहुंचे चंद्रशेखर शर्मा ने बताया-मेरे पिता की मृत्यु 2000 में हुई थी। मृत्यु प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ने पर हमने ब्लॉक खैर में आवेदन किया था। लेकिन सेक्रेटरी मधुप सक्सेना की लापरवाही के कारण पिता की जगह मां का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। 01 दिसंबर 2022 को जारी प्रमाणपत्र में मां की मृत्यु तिथि 19 अक्टूबर 2022 दर्ज कर दी गई। प्रमाणपत्र मिलने के बाद हम सबके होश उड़ गए। इसके बाद कई बार सेक्रेटरी से मिलने गए, लेकिन सुधार करने का झांसा देकर टाल दिया। कागज में मरी महिला, बंद हुआ आधार कार्ड
इसके बाद मेरी मां सरोज देवी का आधार कार्ड तक बंद हो गया है। बैंक में ई-केवाईसी भी नहीं हो पा रही है, जिससे लेन-देन नहीं हो पा रहा है। जब बैंक या आधार कार्ड सही कराने के लिए कहा जाता है, तो वे प्रमाणपत्र का हवाला देकर मना कर देते हैं। इसी वजह से हम साल 2022 से ब्लॉक और सेक्रेटरी के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, एसडीएम खैर शिशिर कुमार सिंह ने प्रार्थनापत्र पर जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। ———– ये भी पढ़ें- बच्ची को उठाकर ले जाने वाले भेड़िए का एनकाउंटर:बहराइच में शूटर ने मारी गोली, 10 कदम चला, फिर गिर पड़ा बहराइच में वन विभाग के शूटर ने एनकाउंटर में आदमखोर भेड़िए को ढेर कर दिया। टीम ने शनिवार शाम को उसकी कमर में गोली मारी। वह 10 कदम चला, फिर गिरा और दम तोड़ दिया। दो दिन पहले भेड़िया 3 साल की बच्ची को उठा ले गया था। अभी तक मासूम का पता नहीं चला है। वन विभाग की टीम पिछले 2 दिन से इसकी तलाश कर रही थी। पढ़िए पूरी खबर…