सिपाही पूर्व IG से बोला- आप सिस्टम नहीं समझ रहे:माघ मेले में रोका; KP सिंह बोले- 2019 में मैंने भी कुंभ कराया था

प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर अपने शिविर में जा रहे पूर्व IG को सिपाही ने रोक लिया। जब पूर्व IG कवींद्र प्रताप सिंह ने कहा- मैं भी 2019 कुंभ की व्यवस्था संभाल चुका हूं, आईजी रहा हूं। विहिप के शिविर में जाना है। जाने दीजिए। तो सिपाही बोला- आप मेरी बात नहीं समझ रहे हैं। जो सिस्टम बनाया गया है, उसे आपको समझना होगा। आप आगे नहीं जा सकते। हालांकि, करीब 8 से 10 मिनट की बातचीत के बाद उन्हें पैदल आगे जाने दिया गया। पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला पढ़िए…
यूपी पुलिस के पूर्व IG केपी सिंह अभी विश्व हिंदू परिषद (काशी प्रांत) के अध्यक्ष हैं। मौनी अमावस्या पर वह करीब 11 बजे अपनी इनोवा कार से मेले में लगे विहिप के शिविर में जा रहे थे। अलोपी मंदिर के आगे पहुंचे ही थे कि वहां दारागंज बैरियर पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पूर्व IG गाड़ी में ही बैठे रहे। ड्राइवर ने जाकर पुलिस से बातचीत की। अपने साहब का परिचय बताया। करीब 5 मिनट तक बातचीत चली, तब जाकर उन्हें आगे जाने दिया गया। करीब 500 मीटर आगे बढ़े ही थे कि शास्त्री ब्रिज के नीचे बने बैरिकेडिंग के पास पुलिस ने फिर उन्हें रोक लिया। ड्राइवर ने कॉन्स्टेबल को गाड़ी में बैठे साहब का परिचय फिर से बताया, लेकिन सिपाही ने एक नहीं सुनी। बोला- किसी को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। इसके बाद ड्राइवर ने अपने साहब को यह बात बताई। फिर पूर्व IG गाड़ी से नीचे उतरकर बैरिकेडिंग के पास पहुंच गए। पूर्व IG ने सिपाही को अपना परिचय बताया। सिपाही ने साफ मना करते हुए कहा- आप सिस्टम नहीं समझ रहे हैं। इस पर पूर्व आईजी मुस्कुराने लगे। तभी वहां कुछ पुलिस वाले पहुंच गए। उन्होंने पूर्व IG को पहचान लिया। इसके बाद बैरिकेडिंग हटाई। बाद में जाते समय सिपाही ने पूर्व IG को सैल्यूट भी किया। केपी सिंह ने कहा- पुलिस के लोग अपना काम कर रहे हैं। भीड़ की वजह से ऐसी स्थितियां हो रही है। 2019 में कुंभी की व्यवस्था केपी सिंह ने संभाली थी मिर्जापुर के रहने वाले केपी सिंह 1987 बैच के PPS अफसर रहे हैं। 2002 में वह स्टेट पुलिस से IPS में प्रोन्नत हुए थे। 2012-13 के कुंभ में सफल भूमिका को देखते हुए 2019 के कुंभ में उन्हें ही कमान सौंपी गई। उन्होंने कुंभ का सफलतापूर्वक आयोजन कराया था। इसके लिए उनकी सराहना भी हुई थी। रिटायर होने के बाद ही वह पिछले 2 सालों से वह विश्व हिंदू परिषद (काशी प्रांत) के अध्यक्ष पद का दायित्व संभाल रहे हैं। 34 वर्षों के सेवा काल में 18 साल प्रयागराज में तैनात रहने को लेकर भी वह काफी चर्चा में रहे। मिलनसार होने की वजह से वह आमजन में भी चर्चा में रहे हैं। ——————–
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