सिपाही मीनाक्षी के चेहरे पर शिकन नहीं, चुपचाप खड़ी रही:जालौन कोर्ट ने 14 दिन की रिमांड बढ़ाई, इंस्पेक्टर ने अफेयर में जान दी थी

जालौन के कुठौंद में इंस्पेक्टर के सुसाइड मामले में आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की रिमांड 14 दिन के लिए बढ़ गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में 5 मिनट की पेशी के दौरान मीनाक्षी शांत रही। चेहरे पर जरा-सी भी शिकन नहीं थी। मामले में अगली पेशी 1 जनवरी 2026 को होगी। तब तक वो जेल में ही रहेगी। जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया- 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में मीनाक्षी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। 5 मिनट तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग चली। इसके बाद उसे बैरक में भेज दिया गया। अभी वह सामान्य बर्ताव कर रही है। शुरुआत के कुछ दिन परेशान रही। पिता और भाई ने 14 दिनों में तीन बार मुलाकात की। इसके बाद वह कोई डिमांड नहीं कर रही है। दरअसल, इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत मामले में मीनाक्षी को 7 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया था। रिमांड 21 दिसंबर को खत्म हो रही थी, लेकिन 20 और 21 को अवकाश की वजह से उसे 2 दिन पहले ही कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने चार्जशीट पूरी करने के लिए न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। इसके बाद जज ने हिरासत बढ़ा दी। 5 दिसंबर को इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्टल से गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के समय कमरे में सिर्फ मीनाक्षी थी, जो आवास से निकलते हुए CCTV में कैद हुई थी। इंस्पेक्टर की पत्नी ने उस पर हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस जांच सामने आया था कि इंस्पेक्टर का महिला सिपाही से अफेयर चल रहा था। जेल में दो दिन बेचैन रही, माथे पर कोई शिकन नहीं
जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया- ‘जेल में मीनाक्षी का बर्ताव सामान्य है। शुरुआत के 2 दिन वो रात में सो नहीं पाई थी। कई बार उठकर बैठ जाती थी। बैरक में उसके साथ कई और बंदी हैं, जिनसे उसने बात करने की कोशिश की, लेकिन कुछ बोल नहीं पाई। हालांकि, उसके माथे पर कोई शिकन नहीं है। जेल मैन्युअल के अनुसार, उसे खाना और नाश्ता दिया जा रहा है, वो आराम से सारे काम कर रही है। अब पढ़िए इंस्पेक्टर की मौत की पूरी कहानी… महिला सिपाही और इंस्पेक्टर का कनेक्शन जानिए अब तक की जांच में क्या निकला… इंस्पेक्टर की मौत की पहली सूचना सिपाही मलिक को दी थी: एसआईटी जांच में कई और तथ्य भी सामने आए हैं। घटना के बाद सबसे पहले सिपाही मीनाक्षी ने उसके साथ मेरठ से आए सिपाही अंकित मलिक को दी थी। उसके बाद वो पैदल ही भाग गई। उस रात मीनाक्षी उरई की ही अपनी साथी महिला कॉन्स्टेबल के यहां रुकी थी, लेकिन उसने इस घटना के बारे में अपनी दोस्त को कुछ नहीं बताया। मीनाक्षी ने मोबाइल से डेटा डिलीट किया: एसआईटी को एक अहम सुराग ये भी मिला है, जिसमें इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत के बाद मीनाक्षी ने अपने मोबाइल से सारे रिकॉर्ड हटा दिये थे, उसने वॉट्सऐप कॉल से लेकर चैट तक को डिलीट कर दिया था। ऐसा माना जा रहा है कि उसने खुद के बचने के लिए ऐसा किया, ताकि जांच में उसपर कोई आंच न आ सके। लेकिन मोबाइल की लोकेशन सहित कई सुराग मिले हैं, जो मामले को सुलझाने में अहम रोल निभाएंगे। 2 बातें जो सबसे ज्यादा चर्चा में हैं 1- मीनाक्षी की शादी तय हो गई थी। फरवरी- 2026 में उसकी शादी होनी है। इंस्पेक्टर के करीबी लोगों ने बताया कि मीनाक्षी इंस्पेक्टर पर अपनी शादी का पूरा खर्च उठाने का दबाव बना रही थी। वह 25 लाख रुपए खर्च करने की डिमांड कर रही थी। धमकी देती थी कि अगर शादी का खर्च नहीं उठाया तो वीडियो पत्नी को भेज देगी। 2- सर्विलांस टीम के एक अफसर ने बताया- मीनाक्षी के पास 3 मोबाइल और 4 सिम, जबकि इंस्पेक्टर के पास 3 सिम मिले हैं। सभी का डेटा खंगाला जा रहा।
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इंस्पेक्टर की मौत में महिला सिपाही गिरफ्तार:3 लाख का हार दिलवाया, 25 लाख मांग रही थी; 3 मिनट में थाने से भागी यूपी के जालौन में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत मामले में महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उसे रविवार को कोर्ट ले गई, जहां से 14 दिन के लिए उरई जेल भेज दिया गया। पुलिस ने महिला सिपाही को देर शाम जेल में दाखिल करा दिया। वहीं, कोर्ट जाने के दौरान महिला सिपाही ट्रैक सूट पहने थी और चेहरे पर रुमाल बांध रखा था। पूरी खबर पढ़ें…