सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वाली दो एजेंसियों पर एक्शन:गोरखपुर में दर्ज कराई जा रही FIR; एक का गोदाम सील

रसोई गैस की किल्लत के बीच गोरखपुर में दो एजेंसियों ने सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग शुरू कर दी। मंगलवार की रात पूर्ति विभाग एवं पुलिस ने यह खेल पकड़ लिया। बुधवार को पूरे दिन स्टाक मिलान किया गया। ब्लैक मार्केटिंग की पुष्टि होने पर दोनों एजेंसियों पर एक्शन हुआ है। इनमें शामिल भगवानपुर, पीपीगंज की आशीष इंडेन गैस एजेंसी एवं नौसढ़ स्थित कन्हैया गैस एजेंसी के प्रोपराइटर के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 तथा आईपीसी की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करायी जा रही है। आशीष इंडेन गैस एजेंसी का गोदाम भी सील कर दिया गया है। आशीष इंडेन गैस एजेंसी के मालिक पवन वर्मा, संबंधित परिवहन ठेकेदार मेसर्स प्रेस्टीज मूवर्स, ट्रक के चालक अली मोहम्मद एवं गैस एजेंसी के कर्मचारी के विरुद्ध गीडा थाने में एफआईआर दर्ज करायी जा रही है। गीडा के प्रभारी निरीक्षक के अनुसार रात 8 बजे तक उन्हें तहरीर नहीं मिली थी। जानिए कैसे कर रहे थे ब्लैक मार्केटिंग
गीडा स्थित बॉटलिंग प्लांट से 10 मार्च की रात आशीष इंडेन गैस सर्विस भगवानपुर पीपीगंज 525 घरेलू कुकिंग गैस सिलेंडर ट्रक संख्या WB 29 C 1718 के जरिए भेजा गया था। लेकिन गैस एजेंसी के संचालक ने इन सभी सिलेंडरों को अपनी एजेंसी पर न उतारकर ट्रक को वापस नौसढ़ चौराहे पर लाया गया। वहां रोडवेज के पीछे ट्रक को खड़ा कर दिया गया। वहां से सिलेंडरों को अवैध ढंग से ऊंचे दामों पर बेचा जाने लगा। सूचना पाकर पहुंची पुलिस एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। बुधवार को एक टीम पीपीगंज स्थित गोदाम पर भेजी गई, जहां स्टाक में गड़बड़ी पायी गई। जिसके बाद गोदाम को सील कर दिया गया। अब जानिए दूसरी एजेंसी पर क्यों हुई कार्रवाई 10 मार्च की रात को ही रोडवेज के पीछे एक पिकप UP 53 GT5254 लावारिस हाल में पायी गई। उस पर कूकिंग गैस सिलेंडर लदे थे। गाड़ी पर मेसर्स कन्हैया इंडेन गैस सर्विस नौसढ़ का बैनर भी लगा था। वहां उपस्थित लोगों द्वारा बताया गया कि इस गाड़ी से वितरक द्वारा ऊंचे दामों पर गैस सिलेंडर बेचा जा रहा था। लेकिन जांच टीम को देखकर गैस एजेंसी के कर्मचारी भाग गए। इसके बाद बुधवार को एजेंसी के गोदाम की जांच की गई। जांच में गैस एजेंसी के गैस सिलेंडरों के स्टाक में भारी कमी पायी गई। इसके बाद विभाग ने माना कि घरेलू कूकिंग गैस सिलेंडरों का डायवर्जन किया गया है। इसके बाद इस एजेंसी पर भी कार्रवाई की गई। एक ही व्यक्ति से संबंधित हैं दोनों एजेंसियां
आशीष इंडेन गैस सर्विस के मालिक पवन वर्मा से संबंधित ही नौसढ़ की कन्हैया इंडेन गैस सर्विस एजेंसी भी है। ये एजेंसियां पहले भी विवादों में रहती आयी हैं। नौसढ़ में दिखाने के लिए एक छोटा आफिस है। गैस सिलेंडरों का वितरण दुकानों से होता है। पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहले भी अलग-अलग मामलों में 4 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। 1500 रुपये में बेच रहे थे सिलेंडर
ब्लैक मार्केटिंग के जरिए एजेंसी संचालक नौसढ में 1500 रुपये में एक घरेलू कूकिंग गैस का सिलेंडर बेच रहे थे। रात में ही किसी ने इस गड़बड़ी की सूचना पुलिस और संबंधित विभागों को दे दी, जिसके बाद छापा मारकर रंगे हाथ पकड़ा गया। रसोई गैस की जिले में कोई किल्लत नहीं : डीएम
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा है कि जिले में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है। यदि किसी ने रसोई गैस की कमी को लेकर अफवाह फैलाई या अफवाह की आड़ में कालाबाजारी की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे रसोई गैस की किल्लत की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही अनावश्यक स्टॉक करने की होड़ में शामिल हों। नियमानुसार हर ग्राहक को रसोई गैस सिलिंडर प्राप्त होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि बुकिंग-डिलीवरी में ओटीपी की व्यवस्था रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति के लिए बनाई गई है। पर, जरूरत इस बात की है कि लोग पैनिक बुकिंग या होल्डिंग से बचें। उन्होंने कहा कि जिले की सभी गैस एजेंसियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी रसोई गैस का कृत्रिम अभाव नहीं दिखना चाहिए। डीएम ने कहा है कि यदि एजेंसियों से या बिचौलियों की तरफ से रसोई गैस कालाबाजारी किए जाने का कोई मामला प्रकाश में आया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।