आगरा की एक युवती अपनी शिकायत लेकर लखनऊ पहुंची। वह सीएम आवास की तरफ जा रही थी, तभी वहां तैनात पुलिस जवानों को उसकी हरकत संदिग्ध नजर आई। जवानों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद महिला ने हंगामा कर दिया और रोने-चिल्लाने लगी। कहने लगी कि मुझे मत ले जाओ, मुझे न्याय चाहिए। मेरा नाम सरजू यादव है। दरोगा रोहित और चार एसआई ने मेरे साथ मारपीट और बदतमीजी की है। इसके बाद युवती को महिला कांस्टेबलों ने गाड़ी में बैठा लिया और उसे गौतमपल्ली थाने ले जाया गया। आगरा पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद आगरा से टीम आई और देर रात उसे आगरा लेकर गई। पूरा मामला शुक्रवार का है, लेकिन इसका वीडियो आज सामने आया है। यह वही सरजू यादव हैं, जिनका पिछले साल अगस्त में ट्रांस यमुना थाने में तैनात लेडी दरोगा के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था। उन्होंने पुलिस पर थाने में मारपीट करने का आरोप लगाया था। उस समय पुलिस ने महिला के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की थी। सरजू यादव आगरा के कालिंदी विहार में रहती हैं। वीडियो में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में सरजू यादव रोती दिख रही हैं, लेकिन महिला कॉन्स्टेबल उन्हें जबरन पुलिस की गाड़ी में बैठाती रहीं। इस दौरान युवती कह रही है कि मेरा नाम सरजू यादव है। मेरे साथ जबरदस्ती क्यों कर रहे हो? मैं न्याय लेने के लिए यहां आई हूं। मुझे न्याय चाहिए। मेरी समस्या है कि चार एसआई और दरोगा रोहित ने मिलकर आगरा के ट्रांस यमुना थाने में बदतमीजी की है। मेरा बुटीक है। मुझे छोड़ दो, मुझे जाने दो। इस तरह आप मेरे साथ जबरदस्ती नहीं कर सकतीं। अब युवती का पुराना मामला पढ़िए…. सरजू यादव के घर पर सितंबर 2024 में दिनदहाड़े चोरी हुई थी। उन्होंने ट्रांस यमुना थाने में FIR दर्ज कराई थी। उस वक्त उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने बिना प्रभावी कार्रवाई किए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इस बारे में पुलिस से बात करने के लिए वह ट्रांस यमुना थाने भी गई थीं। वहां थाना प्रभारी रोहित कुमार से फाइनल रिपोर्ट लगाने के बारे में पूछा, तो उन्होंने केस की जानकारी नहीं होने की बात कही। इस पर थाना प्रभारी ने सस्पेंड दरोगा राजकुमार गोस्वामी को फोन करके बुलाया। सरजू ने बताया था- दरोगा राजकुमार गोस्वामी ने मेरे मुंह पर ही थाना प्रभारी रोहित से कहा कि यह महिला तो बदतमीज है, ऐसे ही परेशान करती है और ऊपर से शिकायत करती है। मैंने थाने के अंदर किसी तरह इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया था। जैसे ही पुलिसकर्मियों को इसका पता चला, उन्होंने जबरन मोबाइल छीनने की कोशिश की। मुझे कमरे में बंद कर दिया था। मेरे साथ मारपीट भी की गई। मेरे कपड़े तक फाड़ दिए थे। मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मुझे जबरन थाने में बैठाए रखा। घटना से जुड़े तीन वीडियो सामने आए थे। …………………. ये खबर भी पढ़िए- गैंगरेप आरोपी दरोगा को पुलिस ने भागने का वक्त दिया: पीड़िता ने कानपुर कोर्ट में 30 मिनट में दरिंदगी सुनाई; ACP लाइन हाजिर, चौकी इंचार्ज सस्पेंड कानपुर गैंगरेप कांड में 4 दिन बाद पीड़िता के बयान कोर्ट में दर्ज हुए। 30 मिनट तक जज दरिंदगी की कहानी सुनते रहे। फिर उन्होंने सुबक रही पीड़िता की तरफ देखकर कहा- इंसाफ होगा। एक दिन पहले कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई थी कि लड़की 14 साल की है, मगर केस को पॉक्सो एक्ट में दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद कानपुर पुलिस ने FIR में गैंगरेप, किडनैपिंग के साथ पॉक्सो एक्ट बढ़ा दिया। पढ़ें पूरी खबर…