सीएसए विवि देगा रूफटॉप फार्मिंग का प्रशिक्षण:कानपुर में घर की छत पर उगाएं ताजी और रसायन-मुक्त सब्जियां

कानपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में हरियाली की कमी को देखते हुए, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए विवि) ने एक नई पहल की है। इसके तहत अब शहरी लोग अपनी छतों पर सब्जियां उगा सकेंगे। यह पहल उन लोगों के सपने को साकार करेगी जो खुद उगाई गई, बिना केमिकल वाली सब्जियां खाना चाहते हैं।आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ रहना एक चुनौती है, खासकर जब बाजार में मिलने वाली सब्जियों में मिलावट और रसायनों की चिंता बनी रहती है। रूफटॉप खेती इस समस्या का समाधान प्रदान करती है, जिससे ताजी और सुरक्षित सब्जियां मिलेंगी। यह पहल न केवल ताजी सब्जियों का विकल्प देती है, बल्कि मानसिक सुकून और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। छतों पर हरियाली से घर का तापमान कम होता है और वातावरण भी खुशनुमा बनता है। सीएसए विवि के उद्यान महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. वीके त्रिपाठी ने बताया कि विभाग रूफटॉप खेती का व्यवस्थित प्रशिक्षण देगा। इसकी शुरुआत विश्वविद्यालय के छात्रों से होगी, जिसके बाद शहर के आम नागरिकों, महिलाओं, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैज्ञानिक सरल भाषा में बताएंगे कि सीमित जगह और कम संसाधनों में भी कैसे सफल खेती की जा सकती है। यह प्रशिक्षण लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। इस पहल की खास बात यह है कि इसमें भारी-भरकम खर्च या बड़े प्लॉट की आवश्यकता नहीं है। ग्रोबैग और गमलों का उपयोग करके पालक जैसी हरी सब्जियां महज 25 दिनों में तैयार की जा सकती हैं। टमाटर, मिर्च और बैंगन जैसी सब्जियां भी आसानी से उगाई जा सकती हैं। बेल वाली सब्जियों के लिए छत पर बांस या साधारण सहारे लगाकर लौकी, कद्दू और तोरई जैसी फसलें भी सफलतापूर्वक ली जा सकती हैं। यह शहरी जीवन में हरियाली और पोषण का एक नया आयाम जोड़ेगा।