सुल्तानपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर प्रदर्शन:शिया समुदाय ने अमेरिका-इजराइल के खिलाफ की नारेबाजी, जफर खान बोले-जुल्म के खिलाफ नहीं झुके खामेनाई

सुल्तानपुर में रविवार शाम ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनाई की मौत के विरोध में प्रदर्शन हुआ। नगर कोतवाली के अमहट और तुराबखानी क्षेत्रों में शिया समुदाय के लोगों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मजलिस का भी आयोजन किया गया। दरअसल, शनिवार को ईरान में अमेरिका और इजराइल द्वारा संयुक्त रूप से हमला किए जाने का आरोप है। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनाई, उनके परिवार के सदस्य और ईरान के सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी। रविवार सुबह यह खबर सामने आने के बाद दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय, खासकर शिया समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस नेता जफर खान ने इस घटना पर बयान देते हुए कहा कि आयतुल्लाह खामेनाई के घर पर बम से हमला हुआ, जिसमें उनके बच्चे शहीद हुए। उन्होंने कहा कि खामेनाई साहब ने अमेरिका और जुल्म के आगे झुकना पसंद नहीं किया और शहादत को अपनाया। जफर खान के अनुसार, खामेनाई बंकर में नहीं गए, बल्कि अपने घर या दफ्तर में ही रहे। उन्होंने कहा था कि “हमारी अवाम बंकर में नहीं गई तो हम भी नहीं जाएंगे।” जफर खान ने बताया कि आयतुल्लाह खामेनाई फिलिस्तीन और ईरान की अवाम की लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि चूंकि भारत ईरान का व्यापारिक साझेदार रहा है, इसलिए देश में एक या दो दिन का शोक घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा इस घटना पर एक भी ट्वीट न करने पर अफसोस भी जताया। इस क्रम में हिंदुस्तान में भी शिया समुदाय ने विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए। सुल्तानपुर में भी रोजा इफ्तार के बाद शिया समुदाय ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए “अमेरिका इजराइल मुर्दाबाद” के नारे लगाए। इस अवसर पर हैदर अब्बास, एमएच खान सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। गोसाईंगंज के सुरौली में भी इसी तरह का प्रदर्शन और मजलिस आयोजित की गई।