सोनभद्र में सरकारी जमीन का अवैध पट्टा:लेखपाल निलंबित, तहसीलदार समेत 5 को कारण बताओ नोटिस

सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज विकासखंड स्थित लसड़ा गांव में सरकारी जमीन के अवैध पट्टे का मामला सामने आया है। इसमें ग्राम प्रधान, लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार सहित कई अधिकारियों की मिलीभगत से अपात्र लोगों को जमीन आवंटित की गई थी। ग्रामीणों के विरोध के बाद उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ने जांच के आदेश दिए, जिसमें लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ये पट्टे ऐसे लोगों को दिए गए हैं जिनके पास पहले से ही जमीन, मकान, वाहन और सरकारी नौकरी है। उपजिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज उत्कर्ष द्विवेदी (आईएएस) ने बताया कि सदर तहसील की ग्राम पंचायत लसड़ा के अंतर्गत कलवारी खलियारी मार्ग पर स्थित सरकारी भूमि (आराजी संख्या 230) पर चार महिलाओं को पांच-पांच बिस्वा जमीन का पट्टा किया गया था। एसडीएम उत्कर्ष द्विवेदी के अनुसार, यह भूमि कलवारी खलियारी मार्ग के प्रस्तावित चौड़ीकरण के दायरे में आती है। अनुमान है कि अधिग्रहण होने पर इसका मुआवजा करोड़ों रुपये में बनेगा। इतनी कीमती जमीन का पट्टा किया जाना नियमों के विरुद्ध और अनुचित है। इस संबंध में संबंधित पट्टों को रद्द करने के लिए जिलाधिकारी के न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया गया है। इस प्रकरण में क्षेत्रीय लेखपाल श्वेता सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। तहसीलदार अमित कुमार सिंह का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। ग्राम प्रधान रुचि पांडेय के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, कानूनगो अवधेश तिवारी, नायब तहसीलदार मनोज मिश्र, राजस्व निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद टंडन और एसडीएम के स्टेनो अखिलेश मिश्र के विरुद्ध भी जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है। एसडीएम ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।