गोरखपुर में हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान, गीता वाटिका, ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी-देवरिया के सहयोग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बैतालपुर, देवरिया में 21 नवंबर 2025 को प्रातः 10 बजे से शाम 3 बजे तक निशुल्क कैंसर जांच और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। शिविर में 126 मरीजों ने भाग लिया और कैंसर से संबंधित समस्याओं का प्राथमिक परामर्श लिया। कैंसर अस्पताल के डॉ. सी. पी. अवस्थी और सहायक चिकित्सक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने मरीजों की प्राथमिक जांच की, कैंसर लक्षणों की पहचान की और उन्हें निशुल्क दवाई उपलब्ध कराई। विशेष रूप से स्तन गांठ से पीड़ित महिलाओं की संख्या अधिक रही। महिला- पुरुषों को किया गया जागरूक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने शिविर में आशा कार्यकर्ताओं, संगिनी और स्वास्थ्य कर्मियों को बताया कि पुरुषों में ओरल कैंसर अधिक होता है, जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर का खतरा ज्यादा है। महिलाओं को स्वयं-स्तन परीक्षण की तकनीक सिखाई गई ताकि वे हर 15 दिन में जांच कर सकें और किसी भी गांठ या दर्द की स्थिति में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि HPV वैक्सीन के जरिए सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाई जा सकती है। वहीं, धूम्रपान, शराब और तंबाकू उत्पादों से ओरल कैंसर का खतरा बढ़ता है। लोगों को इन आदतों से बचना आवश्यक है। कैंसर के खिलाफ समय पर निदान का महत्व शिविर प्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई केवल अस्पतालों में नहीं, बल्कि लोगों की सोच और जीवनशैली में भी लड़ी जाती है। शीघ्र निदान से उपचार दर बढ़ती है, जीवन गुणवत्ता सुधारती है और इलाज की लागत व अवधि कम होती है। शिविर में IEC सामग्री जैसे फ्लिपबुक, पोस्टर, लीफलेट और चित्र वितरित किए गए। इसका उद्देश्य समुदाय में कैंसर जागरूकता बढ़ाना और लोगों को रोकथाम के महत्व से अवगत कराना है। कार्यक्रम में यह लोग रहे उपस्थित शिविर में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कुमार, डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. विवेक, अजय श्रीवास्तव, सत्यवती तिवारी, देवेन्द्र यादव, केशव धर द्विवेदी, राजेश गुप्ता, रामसूरत सिंह और स्वास्थ्य केंद्र के अन्य डॉक्टर एवं कर्मचारी विशेष रूप से उल्लेखनीय योगदान के लिए सराहे गए। इस कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कुमार, डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. विवेक, अजय श्रीवास्तव, सत्यवती तिवारी, देवेन्द्र यादव, केशव धर द्विवेदी, राजेश गुप्ता, रामसूरत सिंह और स्वास्थ्य केंद्र के अन्य डॉक्टरों व कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।