दिल्ली से पटना जा रही राजेंद्र नगर तेजस राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में शनिवार देर रात बम होने और आग लगने की सूचना मिली थी। जांच में यह गलत मिली। यह फर्जी सूचना दिल्ली पुलिस के हैड कॉन्स्टेबल ने दी थी। उसको अलीगढ़ के आरपीएफ, जीआरपी पुलिस ने दिल्ली से पकड़ लिया। उसके पास से उसका वह मोबाइल भी बरामद हुआ है, जिससे सूचना दी गई थी। ऐसा उसने पुरानी रंजिश में गांव के लोगो को फंसाने के लिए किया था। सोमवार की देर शाम आरोपी को कोर्ट में पेश पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। RPF के सहायक सुरक्षा आयुक्त गुलजार सिंह ने मीडिया को बताया कि शनिवार रात दिल्ली से पटना जा रही 12310 राजेंद्र नगर तेजस राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के एक बोगी में बम होने और आग लगने की खबर जीआरपी रेलवे कंट्रोल रूम आगरा को फोन पर मिली थी इसके बाद ट्रेन को अलीगढ़ स्टेशन पर रोककर चेकिंग की गई थी। चेकिंग में सब कुछ सामान्य मिलने पर ट्रेन को रवाना कर दिया था। झूठी सूचना देने के मामले में सहायक स्टेशन अधीक्षक कैलाश चंद्र मीणा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। फोन नंबर को ट्रेस किया। यह दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल रिंकू तेवतिया का निकला। दिल्ली के थाना दयालपुर, जिला नार्थ ईस्ट में उसकी तैनाती है। वह बुलंदशहर के गांव विलायतपुर का मूल निवासी है। सोमवार को आरपीएफ व जीआरपी की टीम ने संयुक्त रूप से नरेला-दिल्ली से गिरफ्तार कर अलीगढ़ लाया गया पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि गांव के रविंद्र से पुरानी रंजिश है। 5 साल पहले रविंद्र के बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। जिसमें उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश हुई थी। पिछले दिनों रविंद्र, उसके बेटे पीयूष और भूरा ने छोटे भाई बाॅबी के साथ मारपीट की । वह घायल भाई को देखने गया। वहां से 17 जनवरी को दिल्ली वापस आकर शराब पीकर और रविंद्र को फंसाने व बदला लेने के लिए ट्रेन में बम रखा होने की सूचना दी। जिससे पुलिस रविंद्र, उसके बेटों व रिश्तेदारों को पकड़कर जेल भेज दे। जांच में यह भी सामने आया कि रिंकू तेवतिया फिलहाल पैर में चोट लगने के कारण छुट्टी पर था। उसी दौरान यह कारिस्तानी की है।