होली के पावन पर्व पर आम जनता की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग एक्शन मोड में है। डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के नेतृत्व में गठित टीम ने जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दौरान विभाग ने कुल 10 नमूने संग्रहित किए और भारी मात्रा में मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए। हजारों किलो असुरक्षित पनीर और खोया कराया गया नष्ट छापेमारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में असुरक्षित खाद्य सामग्री पकड़ी। इसमें 580 किलो संदिग्ध पनीर (कीमत 1,16,000 रूपये) और 18 किलो खोया (कीमत 5,400 रुपए) मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसके अलावा, 1191 किलो सरसों का तेल (कीमत 1,77,700 रुपए) और 48 किलो कचरी को सीज किया गया है। विभाग की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। बरेली से कानपुर तक जुड़ा मिलावट का सिंडिकेट जांच में एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। 26 फरवरी को कानपुर में पकड़े गए 786 किलो खराब पनीर के तार बरेली से जुड़े मिले। जांच में पता चला कि बरेली की मंडी स्थित ‘रौनक ट्रेडर्स’ ने यह पनीर कानपुर की फर्म को मात्र 150 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा था। आज जब टीम ने रौनक ट्रेडर्स पर छापा मारा, तो वहां 580 किलो घटिया पनीर मिला, जिसे तुरंत नष्ट कराया गया। पूछताछ में पता चला है कि यह पनीर बदायूं के बिनावर क्षेत्र से सप्लाई किया जा रहा था, जिसकी सूचना बदायूं प्रशासन को दे दी गई है। नमूनों की जांच के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई टीम ने राजेंद्र नगर स्थित रिद्धि एंटरप्राइजेस से सरसों तेल, अमन स्वीट्स से खोया, विजय ट्रेडर्स से हल्दी और चिप्स, और बी.सी. ट्रेडर्स से घी के नमूने लिए हैं। वी.पी. फूड प्रोडक्ट से कचरी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने स्पष्ट किया है कि मिलावट रोकने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।