अडाणी ने शूटिंग रेंज में कारबाइन से चलाईं गोलियां:कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर देखने पहुंचे, ऑटोमैटिक बुलेट प्लांट का किया निरीक्षण

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी बुधवार को कानपुर पहुंचे। डिफेंस कॉरिडोर के अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस यूनिट को देखने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां पर बन रहे लघु शस्त्र, पिस्टल समेत अन्य हथियारों को देखा। इसके साथ ही बुलेट के आटोमेटिक प्लांट को भी देखा। शूटिंग रेंज में एलएमजी से फायरिंग करके उसकी क्षमता को भी देखा। करीब दो घंटे बिताने के बाद वह यहां से रवाना हो गए। साढ़ में डिफेंस कॉरिडोर की पहली यूनिट ने काम शुरू कर दिया है। इसे अडाणी डिफेंस ग्रुप ने तैयार किया है। 250 एकड़ में बनकर तैयार इस फैक्ट्री में शार्ट रेंज हथियार, कम रेंज की मिसाइल, हल्के एयरक्राफ्ट, तोप के गोले, एके-47 कार्बाइन और स्नाइपर राइफल जैसे हथियारों का प्रोडक्शन देखा। पिस्टल को हाथ में लेकर देखा
गौतम अडाणी ने बुलेट के ऑटोमैटिक प्लांट को देखा। यहां बनने वाली आकर्षक और आधुनिक पिस्टल को अपने हाथों में लेकर देखा। इतना ही नहीं उन्होंने खुद ही शूटिंग रेंज में उन्होंने खुद ही हथियारों की टेस्टिंग भी करेगी देखी। उत्पादन की स्थिति का कंपनी के अफसरों से जायजा लिया। एक साल में बने 15 करोड़ कारतूस और बनेंगे 2 लाख तोप के गोले
डिफेंस कॉरिडोर में अडाणी डिफेंस दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी रक्षा उत्पादन इकाई है। अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के गोला-बारूद कॉम्पलेक्स में इस साल दो लाख लार्ज कैलिबर आर्टिलरी और टैंक एम्युनिशन बनेंगे। इस कॉम्पलेक्स को बने एक साल पूरे हो चुके हैं। यहां एक साल में 15 करोड़ कारतूस बन चुके हैं। यहां पर तोप, मशीनगन, पिस्टल, रिवाल्वर, ग्रेनेड, रॉकेट, मोर्टार बम बनाए जाने हैं। 40 एमएमआरपी ग्रेनेड राउंड्स, 40 एमएम लो वेलोसिटी एचई ग्रेनेड, सभी प्रकार के एमएम के रॉकेट, सभी प्रकार के एमएम मोर्टार भी हैं। डिफेंस कॉरिडोर में सेना के लिए बनेंगे आधुनिक हथियार गोला-बारूद कॉम्पलेक्स के शुभारंभ में आए अडाणी पोर्ट एंड एसईजेड लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी करण अडाणी ने बताया था उनका यह कॉम्पलेक्स 15 महीने में 5 हजार एकड़ में बनकर तैयार हुआ था जो दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा एम्युनेशन मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स है। इसकी क्षमता प्रतिवर्ष 150 मिलियन राउंड एम्युनेशन उत्पादन की है। रायफल, लाइट मशीन गन (एलएमजी), एके-47 और कार्बाइन की गोलियां बनेंगी। अगले चरण में आर्टिलरी गन, गोला-बारूद, तोपें और हैंड ग्रेनेड समेत सेना के जवानों के लिए शस्त्रत्त् व सुविधाओं संबंधित उत्पाद निर्मित होंगे।। अब आपको बताते हैं क्या है डिफेंस कॉरिडोर 26 फरवरी 2024 को बालाकोट हवाई हमले ‘ऑपरेशन बंदर’ की पांचवीं वर्षगांठ पर कानपुर के इस कॉम्पलेक्स का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ ने शुभारंभ किया था। 2018 में पीएम ने दी थी सौगात 2018 में लखनऊ में हुए यूपी के पहले इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में दो डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की घोषणा की थी। यूपी में 6 नोड्स की घोषणा में अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट शामिल हैं, कानपुर नोड में अडाणी डिफेंस सिस्टम एंड टेक्नोलॉजीस लिमिटेड रक्षा उत्पादों का उत्पादन कर रही है