अपर्णा यादव को तलाक नहीं देंगे अखिलेश के सौतेले भाई:इंस्टाग्राम पर लिखा- सब अच्छा है; 10 दिन पहले स्वार्थी महिला कहा था

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के बीच सुलह हो गई है। अब प्रतीक पत्नी अपर्णा यादव को तलाक नहीं देंगे। प्रतीक यादव ने बुधवार दोपहर खुद एक पोस्ट की। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- ‘All is Good यानी सब अच्छा है। चैंपियन वो होते हैं जो अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल समस्याओं को खत्म कर देते हैं। हम चैंपियंस का परिवार हैं।’ 10 दिन पहले प्रतीक ने अपर्णा यादव को स्वार्थी महिला और बुरी आत्मा कहा था। इंस्टाग्राम पर 8 घंटे में तलाक को लेकर 2 पोस्ट किए थे।
अपर्णा इस वक्त भाजपा में हैं, और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। प्रतीक (38) ने अपर्णा (36) से 14 साल पहले लव मैरिज की थी। प्रतीक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं। यानी अखिलेश यादव के सौतेले भाई। अपर्णा ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले अचानक सपा छोड़कर भाजपा जॉइन की थी। प्रतीक ने इंस्टाग्राम पर VIDEO शेयर किया बोले- विवाद सुलझने से जिनकी जली वे भाड़ में जाएं प्रतीक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा- 19 जनवरी को मुझमें और पत्नी अपर्णा के बीच भयंकर और खतरनाक विवाद हुआ था। तब मैंने दो पोस्ट किए थे। अब हम दोनों ने मिलकर उस विवाद को सुलझा लिया है। जो इस विवाद के सुलझने और साथ आने से परेशान हैं, वे भाड़ में जाएं। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… अब तलाक के ऐलान और सुलह तक की पूरी कहानी समझिए… अपर्णा ने कहा था- कुछ लोग रिश्तों को तोड़ने की साजिश रच रहे प्रतीक यादव के तलाक देने के ऐलान के बाद 22 जनवरी को अपर्णा यादव ने अपनी चुप्पी तोड़ी थी। उन्होंने एक न्यूज चैनल को दिए बयान में कहा- राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता के कारण मुझे निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन किसी दबाव से डरने वाली नहीं हूं और पूरी तरह मजबूत हैं। साजिश करने वालों का जल्द पर्दाफाश किया जाएगा। अपर्णा यादव ने कहा- मेरे और पति के बीच सब कुछ ठीक है। कुछ लोग सुनियोजित तरीके से रिश्तों में दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग नहीं चाहते कि पारिवारिक रिश्ते मजबूत रहें। जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां बनाई जा रही हैं, जिससे मानसिक दबाव बढ़े और उन्हें सार्वजनिक जीवन से पीछे हटने पर मजबूर किया जा सके। यह सिर्फ पारिवारिक मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक और सामाजिक दोनों तरह के कारण हैं। उन्होंने कहा- लगातार सक्रिय रहने और अपने मुद्दों पर मजबूती से खड़े होने की वजह से वे कुछ लोगों की आंखों की किरकिरी बन गई हैं। जब आप किसी के दबाव में नहीं आते, तो आपको बदनाम करने की कोशिश की जाती है। जो लोग इस पूरे विवाद के पीछे हैं, उनकी पहचान हो चुकी है। सही समय आने पर उन लोगों को सार्वजनिक रूप से सामने लाया जाएगा। अपर्णा यादव ने कहा कि मैं मानसिक रूप से मजबूत हूं। जो लोग सोच रहे हैं कि ऐसी अफवाहों से मुझे कमजोर किया जा सकता है, वे गलतफहमी में हैं। विवाद कहां से शुरू हुआ था? सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव ने 19 जनवरी को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपर्णा यादव से रिश्ते खत्म करने का ऐलान किया। उन्होंने 8 घंटे में दो पोस्ट किए। पहली पोस्ट में लिखा- मैं इस स्वार्थी औरत से जल्द से जल्द तलाक लेने जा रहा हूं। इसने मेरे पारिवारिक रिश्ते बर्बाद कर दिए। इसका एकमात्र लक्ष्य है मशहूर और प्रभावशाली बनना। इस समय मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है। इसे कोई परवाह नहीं। इसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने कभी ऐसी बुरी आत्मा नहीं देखी। मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने इससे शादी की। दूसरी पोस्ट में लिखा- जिस इंसान ने मेरी मां, पिता और भाई से मेरा रिश्ता तोड़ दिया, उसके लिए सिर्फ शोहरत मायने रखती है। झूठ, स्वार्थ और दिखावे से भरी ऐसी सोच मैंने कभी नहीं देखी। यह सिर्फ दर्द नहीं, टूटे हुए भरोसे की कहानी है। प्रतीक के इंस्टाग्राम पोस्ट… प्रतीक ने अचानक तलाक का ऐलान क्यों किया था?
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक और अपर्णा के रिश्तों में खटास 3 साल पहले यानी 2022 से आ गई थी, जब प्रतीक की मर्जी के खिलाफ अपर्णा ने अचानक भाजपा जॉइन कर ली थी। प्रतीक ने 5 फरवरी 2025 को भी अपर्णा के खिलाफ सोशल मीडिया पर 3 पोस्ट किए थे, लेकिन बाद में उसे डिलीट कर दिया। उन्होंने लिखा था- 2011 में शादी हुई थी, 2 बेटियां हैं
अपर्णा का परिवार मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला है। नाम अपर्णा बिष्ट था। शादी के बाद अपर्णा बिष्ट यादव रख लिया। अपर्णा के पिता जर्नलिस्ट थे, बाद में राज्य सूचना आयुक्त बने। जबकि मां अम्बी बिष्ट लखनऊ विकास प्राधिकरण में संपत्ति अधिकारी रहीं हैं। अब माता-पिता दोनों रिटायर हो चुके हैं। वहीं, प्रतीक मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के इकलौते बेटे हैं। साधना गुप्ता नर्स थीं। मुलायम सिंह ने सार्वजनिक तौर पर प्रतीक को अपना बेटा माना था। हालांकि, राजनीतिक उत्तराधिकारी अखिलेश यादव को बनाया। अखिलेश, मुलायम की पहली पत्नी मालती देवी के इकलौते बेटे हैं। टिकट नहीं मिला तो अपर्णा ने घर की पार्टी छोड़ दी ————–
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