अयोध्या के सरयू घाट से पूजा-अर्चना के बाद 251 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। महिलाएं 2 घंटे में 1Km की यात्रा करके सरयू का जल लेकर राम मंदिर पहुंचीं। जल को राम मंदिर के आचार्यों को सौंपा गया। ध्वजारोहण समारोह के दौरान 25 नवंबर को इसी जल से रामलला का अभिषेक किया जाएगा। कलश यात्रा सरयू घाट से निकल कर, श्रृंगार घाट और हनुमान गढ़ी होते हुए राम मंदिर पहुंची। इस दौरान लोग नाचते-गाते कलश यात्रा के साथ चलते रहे। जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे। इस यात्रा में गुरुकुल के छात्र भी शामिल हुए। कुल 500 कलश जल राम मंदिर पहुंचाया गया। 22 नवंबर यानी आज से ध्वजारोहण के आयोजन की शुरुआत हो गई है। बता दें कि ध्वजारोहण 25 नवंबर को होना है। इसमें PM मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत समेत करीब 8 हजार लोग शामिल होंगे। पहले देखिए 3 तस्वीरें… ध्वजारोहण समारोह में देश के उद्योगपति, बालीवुड हस्तियां और खेल जगह के चेहरे अयोध्या पहुंचेंगे। इस कलश यात्रा को लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के वक्त 5 जून को जिस तरीके से कलश यात्रा निकाली गई थी, ठीक वैसा ही आयोजन हो रहा है। इस बार भी मुख्य यजमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र अपनी पत्नी के साथ अनुष्ठान में शामिल होंगे। कलश यात्रा और राम मंदिर में अनुष्ठान की तैयारियों को समझने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….