वाराणसी में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अर्पणा यादव काशी हिंदू विश्वविद्यालय पहुंचीं, उन्होंने कहा कि “सनातन जन जागरण” आज के युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भारत की मूल चिंतनधारा, दर्शन और शंकराचार्य द्वारा प्रदत्त ज्ञान को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति भारत की आत्मा है, और युवाओं को इसकी गहराई को जानने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। अर्पणा यादव ने बताया कि काशी का इतिहास और अध्यात्म भारत की पहचान का अभिन्न हिस्सा है। काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि यह एक जीवंत दर्शन है, जहां हर गली, हर मंदिर और हर व्यक्ति में आनंद का भाव बसता है। पहले दो तस्वीर देखें काशी के चाट का लिया स्वाद
बीएचयू के कार्यक्रम के बाद अर्पणा यादव ने बनारस की प्रसिद्ध गलियों का भ्रमण किया। उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ काशी की प्रसिद्ध चाट और कचौड़ी का स्वाद भी लिया। बातचीत में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जब भी वह काशी आती हैं, तो यहां का वातावरण उन्हें अत्यंत आनंदित कर देता है। काशी आने का अपना ही मज़ा है। यहां की गलियों में अलग ही मिज़ाज है, जो हर व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करता है। बिहार में बहुत कीचड़…अब खिलेगा कमल राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए अर्पणा यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कहा, “बिहार में बहुत कीचड़ हो गया है, वहां अब कमल खिलेगा। जैसा अटल जी ने कहा था- ‘सूरज उगेगा, अंधेरा छटेगा और कमल खिलेगा’, वही इस बार बिहार में देखने को मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि जनता सब जानती है और इस बार बिहार की जनता कमल के पक्ष में एकजुट होकर जवाब देगी। “जनता को जनार्दन कहा गया है, जो जनता चाहती है, वही होता है।