प्रयागराज के माघ मेले में स्थित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में सवा लाख शिवलिंग पैक रखे गए हैं। जबकि यह श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए यहां पर लाए गए थे। करीब 5 हजार शिवलिंग यहां सजाए जा चुके थे लेकिन इसी बीच मौनी अमावस्या के मौके पर यहां अविमुक्तेश्वरानंद महराज के साथ संगम पर प्रशासन के साथ विवाद हो गया था। तब से लगातार नाराज शंकराचार्य अपने शिविर के बाहर ही बैठे हुए हैं। वह लगातार 6 दिनों से अपने शिविर में अंदर नहीं गए हैं। यही कारण है कि यह जो शिवलिंग छत्तीसगढ़ से लाए गए थे वह कार्टून में पैक ही रखे गए हैं। ऐसी स्थिति में यह खोला नहीं जा रहा है। शंकराचार्य ने कहा, कि एक साथ सवा लाख शिवलिंग किसी ने देखा है क्या? हम यहां पर सवा लाख शिवलिंग लेकर आए थे लेकिन तब तक यह घटना घट गई। सवा लाख शिवलिंग के दर्शन से यहां आने वाले श्रद्धालु वंचित रह गए। यह किसका दोष है? छत्तीसगढ़ में बनना है सवा लाख शिवलिंग वाला मंदिर
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य विवेक शुक्ला एडवोकेट ने दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में बताया कि छत्तीसगढ़ में रायपुर के बेमेतरा में सवा लाख शिवलिंग का मंदिर बनना है जो एशिया के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में जाना जाएगा। इसकी लागत करीब 65 करोड़ रुपये होगी। वहां पर जो शिवलिंग स्थापित होनी थी वह शिवलिंग माघ मेले में यहां लाई गई है। ताकि इस पवित्र त्रिवेणी संगम आने वाले श्रद्धालु भी इसका दर्शन कर सकते। इसके बाद इसे यहां से वह रायपुर ले जाने की तैयारी लेकिन बवाल के बाद से यह सब नहीं हो पाया। अब महराज जी अंदर नहीं आ रहे हैं। कुछ शिवलिंग ही लगे हैं बाकी सब पैक हैं। प्रशासन की जिद के आगे यह सब हो रहा है। जहां पर होता था प्रवचन, वहां छायी है खामोशी
माघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर स्थित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का शिविर है। यहां हर बार प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान व कार्यक्रम आयाजित होते थे। लेकिन इस मौनी अमावस्या के दिन हुए बवाल के बाद से सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। यहां शिविर के अंदर पूरी तरह से खामोशी छायी हुई है। मंच पर शंकराचार्य के आराध्य देव विराजमान हैं जहां एक वेदपाठी लगातार वहां बैठा हुआ है। बाकी गिने चुने उनके शिष्य ही यहां नजर आते हैं। शंकराचार्य से गुरु दीक्षा लेने व आशीर्वाद लेने के लिए आने वाले श्रद्धालु भी लौट जा रहे हैं। शिविर में बंद हैं सभी धार्मिक आयोजन
पंडित अनुराग भार्गव कहते हैं कि पिछले 6 दिनों से महराज जी अंदर नहीं आए हैं। यहां चार बजे से सुबह 6 बजे तक धर्म सभा होती थी, जिसमें प्रयाग के संत समाज के लोग आते थे और गुरुजी के गो माता-राष्ट्र माता अभियान में समर्थन देते थे। इसके लिए हम लोगों ने “गौ माता से सरकार डरती है-पुलिस को आगे करती है” का नारा दिया है। महाराज जी ने मेला क्षेत्र में संतों के बीच में जाकर गौ माता-राष्ट्र माता के लिए शपथ दिला रहे हैं। सरकार को इस पर आपत्ति है। उन्होंने कहा, कि मौनी अमावस्या के बाद से शिविर के अंदर कोई धार्मिक कार्यक्रम, पूजा पाठ आदि नहीं हो पा रहा है। बड़ी संख्या में महराज जी के शिष्य आते लेकिन इस तरह की स्थिति होने के चलते वहा यहां नहीं आ पा रहे हैं।