आगरा में अवैध खनन व ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण के लिए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार और जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने पुलिस कमिश्नरेट सभागार में समीक्षा बैठक की। खनन व ओवर लोडिंग रोकने को पुलिस, आरटीओ और खनन व राजस्व विभाग की 10 टीमें संयुक्त रूप से चेकिंग करेंगी। बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर राम बदन सिंह, डीसीपी, एडीएम फाइनेंस, वरिष्ठ खनन अधिकारी, परिवहन विभाग के अधिकारी, वन विभाग, एसडीएम और सभी थाना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में पुलिस कमिश्नर ने अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि खनन और परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए और अवैध खनन में शामिल वाहनों व व्यक्तियों पर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। खनन संभावित क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी के लिए उच्च गुणवत्ता वाले इन्फ्रारेड सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। मध्यप्रदेश और राजस्थान से आने वाले वाहनों को केवल वैध अंतर्राज्यीय परमिट पर ही आगरा की सीमा में प्रवेश की अनुमति होगी। बिना परमिट, बिना नंबर प्लेट या ओवरलोड वाहनों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि दिन में शहरों और कस्बों में गिट्टी, मोरंग व मिट्टी से भरे ट्रक या डम्पर नहीं चलेंगे। जनपद में फिलहाल किसी भी स्थान पर गिट्टी, मोरंग या मिट्टी का पट्टा स्वीकृत नहीं है । केवल सिकंदरा क्षेत्र में बालू खनन का एक लाइसेंस प्राप्त स्थल है, जहाँ सीसीटीवी और संयुक्त टीमों द्वारा दिन-रात निगरानी की जाएगी। खनन स्थलों पर तौल मशीन की व्यवस्था अनिवार्य की जाएगी ताकि ओवरलोडिंग पर रोक लग सके। पुलिस, आरटीओ, खनन और राजस्व विभाग की 10 संयुक्त टीमें प्रतिदिन फील्ड में चेकिंग करेंगी। बैठक में कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए अवैध खनन पर “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाने पर जोर दिया गया।