आकाश के 37 स्टूडेंट्स जेईई मेन 2026 में सफल:शिवाशीष 99.93 पर्सेंटाइल के साथ टॉपर , छात्रों ने कहा- कड़ी मेहनत और अनुशासन का है परिणाम

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) के मेरठ केंद्र ने जेईई मेन 2026 (सेशन-1) में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया है। केंद्र के 37 छात्रों ने उत्कृष्ट पर्सेंटाइल हासिल कर संस्थान और शहर का नाम रोशन किया है। परिणाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा घोषित किए गए, जिसमें मेरठ सेंटर के छात्रों ने बेहतरीन सफलता दर्ज की। शिवाशीष चौहान बने टॉप स्कोरर
मेरठ केंद्र में इस वर्ष शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहाँ शिवाशीष चौहान ने 99.93 पर्सेंटाइल हासिल कर टॉप स्कोरर बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने फिजिक्स और मैथ्स में 99 पर्सेंटाइल प्राप्त कर लगभग परफेक्ट ओवरऑल स्कोर हासिल किया। उनके साथ अन्य छात्रों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आदित्य परमार ने 99.92 पर्सेंटाइल, हर्षित गोयल ने 99.91 पर्सेंटाइल, वेदांत अग्रवाल ने 99.87 पर्सेंटाइल और ऋषि अग्रवाल ने 99.86 पर्सेंटाइल प्राप्त किए। लक्ष्य गर्ग ने 99.71 पर्सेंटाइल, श्रेयस्थ वर्मा ने 99.66 पर्सेंटाइल, अंश सिंघल ने 99.54 पर्सेंटाइल, जानवी चौधरी ने 99.41 पर्सेंटाइल, आदित वर्मा ने 99.39 पर्सेंटाइल तथा रिद्धि भाटिया ने 99.33 पर्सेंटाइल हासिल कर केंद्र का नाम रोशन किया।
रीजनल डायरेक्टर धनंजय कुमार मिश्रा ने कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने इसे मजबूत शैक्षणिक प्रणाली और नियमित मूल्यांकन प्रक्रिया की सफलता बताया। 99.937 पर्सेंटाइल पाने वाले शिवाशीष चौहान का बड़ा लक्ष्य
जेईई में 99.937 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले शिवाशीष चौहान अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि वे 99.99 पर्सेंटाइल का लक्ष्य लेकर चल रहे थे, लेकिन तीन सिली मिस्टेक्स के कारण यह संभव नहीं हो पाया। शिवाशीष ने बताया की उन्होंने कक्षा 9 से जेईई की तैयारी शुरू की थी और स्कूल और कोचिंग के बीच बेहतर संतुलन कारण वो ये मुकाम हासिल कर पाए है। वर्तमान में वे 12वीं कक्षा में हैं और बोर्ड परीक्षा के साथ जेईई की तैयारी संतुलित तरीके से कर रहे हैं। उनका लक्ष्य आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल ब्रांच में प्रवेश लेना है। आगे चलकर वे संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनना चाहते हैं। उन्होंने असफल छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि जेईई की तैयारी में डेडिकेशन सबसे महत्वपूर्ण है। असफलता अंत नहीं है, बल्कि सुधार का अवसर है। छात्रों ने अपनी उपलब्धि का श्रेय आत्म-अनुशासन, नियमित अभ्यास, समय पर मार्गदर्शन और मॉक टेस्ट को दिया। संस्थान के संरचित पाठ्यक्रम और अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन से उन्हें अपनी कमजोरियों को पहचानकर सुधार करने में मदद मिली।