आजमगढ़ में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत छूटे हुए लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक डीएम रविंद्र कुमार के निर्देश पर आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिला विकास अधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि 25 नवंबर 2025 से 25 दिसंबर 2025 तक चलने वाले विशेष अभियान में छूटे हुए सभी पात्र परिवारों का शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं, इसलिए किसी भी पात्र सदस्य को योजना से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। परिवार में केवल एक सदस्य का कार्ड बना
बैठक में बताया गया कि कई ऐसे लाभार्थी परिवार हैं, जिनमें केवल एक सदस्य का कार्ड बना है, जबकि अन्य सदस्यों का कार्ड अब तक नहीं बन पाया है। ऐसे सभी परिवारों की सूची तैयार कर उन्हें अभियान का लाभ देने के निर्देश दिए गए। इससे प्रदेश में कवरेज बढ़ेगा और अधिकतम पात्र लोग योजना से जुड़ सकेंगे। 70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों की अलग सूची तैयार करने के निर्देश
जिला विकास अधिकारी ने कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों का 100% पंजीकरण कर गोल्डेन कार्ड तैयार किया जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना लाभार्थी, अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक, और श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों का भी गोल्डेन कार्ड अनिवार्य रूप से बनाया जाए। ग्राम पंचायतों में कैंप लगेंगे, बाहर रहने वालों के कार्ड ऐप से बनेंगे
उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत भवन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और कोटे की दुकानों पर रोस्टर के अनुसार कैंप आयोजित किए जाएं। जहां कार्ड बनाने की संख्या अधिक लंबित है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कैंप लगाए जाएं। जो लाभार्थी बाहर हैं, उनके परिजनों से संपर्क कर सहायक ऐप के माध्यम से कार्ड बनवाए जाएं। डीआईएसएम टीम को पोर्टल से अपडेटेड डेटा निकालकर ग्रामवार और ब्लॉकवार सूचियाँ तैयार करने और फ्रंटलाइन वर्कर्स को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि अभियान शुरू होने से पहले सभी तैयारी पूरी हो सके। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।