‘आप हमारी कुंडली नहीं जानते’:अयोध्या के गोरखनाथ बाबा SDM से बोले- सरकारी विधायक भी नहीं बचा पाएगा

अयोध्या में मिल्कीपुर के पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा और एसडीएम सुधीर कुमार के बीच फोन पर तीखी बातचीत हुई। इस बातचीत का ऑडियो सामने आया है। इसमें पूर्व विधायक एसडीएम से कहते हैं कि आप हमारी कुंडली ठीक से नहीं जानते हैं। अगर गोरखनाथ बाबा नाराज हो गए तो कोई सरकारी विधायक आपको नहीं बचा पाएगा। शनिवार रात अमानीगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत पूरा उर्फ सुमेरपुर में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए प्रस्तावित जमीन पर एक युवक मकान बनवाने लगा। इसी बात को लेकर बाबा गोरखनाथ और एसडीएम के बीच फोन पर बातचीत हुई। मामले की जानकारी जैसे ही जिला प्रशासन को मिली, डीएम ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उनके निर्देश पर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया। प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद निर्माण गतिविधि पूरी तरह बंद करा दी गई। इस मामले में वर्तमान विधायक चंद्रभानु पासवान का नाम भी सामने आने से भाजपा के अंतर गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई है। अब पढ़िए पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा और मिल्कीपुर SDM सुधीर कुमार के बीच की बातचीत गोरखनाथ: हेलो।
SDM: नमस्ते, श्रीमान जी। गोरखनाथ: एसडीएम साहब, आप हमें बिल्कुल हल्के में लेकर बैठे हैं।
SDM: क्या हो गया, बताइए। गोरखनाथ: आप हमारी कुंडली ठीक से नहीं जानते हैं।
SDM: बताइए, क्या बात है? गोरखनाथ: क्या आपको लग रहा है कि कोई सरकारी विधायक आपको बचा लेगा? आपको कोई नहीं बचा पाएगा। अगर गोरखनाथ बाबा नाराज हो गए तो
SDM: बताइए तो सही। गोरखनाथ: एसडीएम साहब, हम आपको बहुत साफ शब्दों में बता रहे हैं। वहीं आकर सबकी भद्र उतार देंगे। आपसे मैंने 10 बार कहा कि पूरे सुमेरपुर का जो लड़का है, वह भी भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत मेहनत करता है। हमने 20 बार आपसे रिक्वेस्ट किया कि वहां आंगनबाड़ी बन जाए। वहां के लिए ढाई लाख रुपए स्वीकृत हैं। मामला पूरी तरह लीगल है, फिर भी आप सुन नहीं रहे हैं। उसके बाद वहां रातों-रात दीवार खड़ी हो जाती है। हम आपसे निवेदन करते हैं। हम थोड़ा पार्टी के काम से बाहर हैं।
SDM: विधायक जी, हमारी भी बात सुनिए। गोरखनाथ: हमारी बात आप नहीं सुनेंगे, हमें ही हैरेसमेंट करेंगे।
SDM: विधायक जी, सुनिए तो… गोरखनाथ: अगर हम आपके कार्यालय में आकर बैठ जाएंगे, तो किसकी हैसियत है, जो भिड़ेगा? हमारे पास उनसे ज्यादा जनता खड़ी है।
SDM: माननीय जी, हम तो कुछ कह ही नहीं रहे हैं। गोरखनाथ: आप हमें बेवकूफ बना रहे हैं। हमने उससे कहा कि पूछ लो कितना पैसा चाहते हैं, एसडीएम को 50 हजार रुपए भिजवा दो। हम सौगंध खाते हैं, हमारे दो बच्चे हैं। हमने यहां तक कहा कि हम उस लड़के को बहुत प्यार करते हैं। उसके ऊपर तीन-तीन मुकदमे इसलिए लिख दिए गए, क्योंकि वह बाबा गोरखनाथ के साथ रहता है।
SDM: माननीय जी, हमारी भी बात पहले सुन लीजिए। गोरखनाथ: हम कैसे सुन लें? हम आपके पास पांच बार गए, तीन बार उसे लेकर गए। आपने आश्वासन दिया कि काम बनेगा। मैं आपके पास बहुत काम लेकर नहीं आता हूं। दो-चार काम के लिए आता हूं। उसका पैसा सैंक्शन है, उसकी मान-प्रतिष्ठा लगी है।
आपको समय नहीं मिल रहा है। हम 2027 का चुनाव लड़ेंगे, तब देख लिया जाएगा। इतने कमजोर बाबा गोरखनाथ नहीं हैं। हमारा कार्यकर्ता रोएगा और हम दिल्ली-मुंबई बैठे रहेंगे?
SDM: माननीय जी, हमारी प्रधान से बात हुई है। प्रधान जी से कहा है कि कल आप काम शुरू कराइए। गोरखनाथ: इसमें किसी का एहसान है क्या? हमें हाईकोर्ट तक दौड़ना पड़ा। हमने एक लाख रुपये खर्च किए हैं। हम बोल नहीं रहे हैं तो आप हमारी सादगी का फायदा उठा रहे हैं। मैं भी सोचता हूं—अपने समाज के एसडीएम हैं, कहीं कोई बात न हो, इसलिए मुस्कुराकर चला आता हूं।
SDM: माननीय जी, बताइए आपका कौन सा काम नहीं हो रहा है? गोरखनाथ: मैं पांच साल में कभी तहसील नहीं गया, पता कर लीजिए। जिस एसडीएम को चाहा, वहीं पोस्ट हुआ है। एसडीएम साहब, हम आपको धमकी नहीं दे रहे हैं, हम बहुत सज्जन और सरल आदमी हैं।
SDM: नहीं-नहीं, आप सुन लीजिए। हम आपका कौन सा काम नहीं करते हैं? गोरखनाथ: एक काम बताइए जो आपने किया हो। आदर्श का काम हुआ?
SDM: मैंने काम लगवाने के लिए बोल दिया है। गोरखनाथ: दरोगा सब बता रहे हैं कि विधायक का दबाव है। उसके घर के लोग बता रहे हैं कि उसे बेइज्जत करने का दबाव है। तीन-तीन मुकदमे लिख दिए गए। जब पता था कि उसके भाई नहीं हैं, तब भी उनके ऊपर मुकदमा लिखकर चार्जशीट भेज दी गई। अगर हम खड़े हो जाएं और बवाल कर दें तो पार्टी ही हमें विद्रोही बता देगी। आपने हमारा कौन सा काम किया, बताइए। मैंने एक लेखपाल बदलने के लिए कहा। कम से कम 10 बार कहा होगा, लेकिन नहीं हुआ। आज के बाद हम आपको फोन नहीं करेंगे। राजनीति जब करेंगे, तब देखेंगे। यह आपसे आखिरी फोन है।
SDM: माननीय जी, आप नाराज मत होइए। गोरखनाथ: एक काम बता दीजिए। अगर हमारे कहने पर आपने एक लेखपाल बदल दिया हो। हमारे लिए सबसे खास प्रताप है, वह मुझे सम्मान देता है। मैंने आपसे कहा था कि उसका काम हो जाना चाहिए।
SDM: प्रताप का कौन सा काम है? गोरखनाथ: उसने बैनामा लिया है, मामला लीगल है। वह काबिज नहीं हो पा रहा। हम आपको कितनी बार कहें?
SDM: हमने तो वहां के लिए टीम बनाई थी। गोरखनाथ: अब हम आपको फोन नहीं करेंगे। आप खूब एसडीएमगिरी करिए। जब हम लौटेंगे और हमारा भाषण होगा, तब देख लेंगे।

अब जानिए क्या है मामला? कोर्ट आदेश के बाद भी शुरू नहीं हुआ काम
इस मामले में सुमेरपुर के प्रधान आदर्श श्रीवास्तव ने बताया- 6 मार्च 2025 को ग्राम सभा में गाटा संख्या 1189ग पर सर्वसम्मति से आंगनबाड़ी केंद्र और आरआरसी बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू भी हो गया था। लेकिन कुछ ग्रामीणों ने विरोध करते हुए निर्माणाधीन ढांचा गिरा दिया। इसके बाद मैंने स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया, फिर भी निर्माण कार्य रुकवा दिया गया। इसके बाद हमने पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा के साथ कई बार जिलाधिकारी सुधीर कुमार से मुलाकात की। हर बार हमें निर्माण शुरू कराने का आश्वासन मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई। एसडीएम मौके पर नहीं पहुंचे और निर्माण शुरू नहीं कराया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर हमने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की। वहां से ग्राम पंचायत के पक्ष में निर्माण कार्य कराने का आदेश जारी किया गया। इसके बावजूद शनिवार दोपहर करीब दो बजे उसी गाटा संख्या पर किसी अन्य व्यक्ति से निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। इसके बाद हमने जिलाधिकारी को सूचना दी। जानकारी मिलते ही उन्होंने निर्माण कार्य रुकवा दिया।