आशुतोष महाराज बोले-स्वाति अघोरी शंकराचार्य के शिष्य की गर्लफ्रेंड:अविमुक्तेश्वरानंद के प्रवक्ता का जवाब- हम उसे जानते नहीं

आशुतोष महाराज पर चलती ट्रेन में हमले के बाद डॉ. स्वाति अघोरी का नाम सुर्खियों में है। वजह- हमले के तुरंत बाद डॉ. स्वाति अघोरी नाम के फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट की गई। इसमें लिखा था- आशुतोष ब्रह्मचारी पर जो भी हमला हुआ है, उसमें वो बच गया। भगोड़ा ट्रेन के शौचालय में घुस गया था। बोला था न, मेरे लोगों के हत्थे न चढ़ जाना। आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों से यौन शोषण की FIR कराई थी। आशुतोष का आरोप है कि उन पर हमला शंकराचार्य ने ही करवाया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने दावा किया- स्वाति अघोरी ने दबाव में हमले की जिम्मेदारी ली है। वह शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद की गर्लफ्रेंड है। शंकराचार्य के प्रवक्ता ने आशुतोष महाराज के आरोपों को नकारा
अविमुक्तेश्वरानंद के मीडिया प्रभारी योगीराज सरकार ने इन आरोपों को नकार दिया। उन्होंने कहा- स्वाति अघोरी को हम लोग नहीं जानते हैं। उससे दूर-दूर तक कोई संपर्क नहीं है। क्या कोई कुछ भी बोल देगा तो उसके जिम्मेदार शंकराचार्य हो जाएंगे। डॉ. स्वाति अघोरी कौन है? फिलहाल पुलिस के पास इसका जवाब नहीं है। एसपी (जीआरपी) प्रशांत वर्मा ने बताया- फेसबुक पर की गई एक पोस्ट द्वारा आशुतोष महाराज पर हमले की जिम्मेदारी लेने को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रोफाइल और पोस्ट के आधार पर हमले से जुड़े संभावित तारों को खंगाला जा रहा है। आईपी एड्रेस, फेसबुक पेज और आईडी की जांच की जा रही है। स्वाति के फेसबुक पोस्ट देख लीजिए- जानिए आशुतोष महाराज पर हमले मामले में कैसे हुई स्वाति अघोरी की एंट्री रविवार को सुबह 5 बजे चलती ट्रेन में आशुतोष महाराज पर जानलेवा हमला हुआ। उनकी नाक काटने की कोशिश हुई। खून से लथपथ आशुतोष महाराज ने बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई। हमले के 5 घंटे बाद करीब 10 बजे डॉ. स्वाति अघोरी नाम के फेसबुक अकाउंट से हमले की जिम्मेदारी ली गई। थोड़ी देर बाद दूसरा पोस्ट आया, लिखा- सत्य सनातन धर्म की जय हो, गौ माता राष्ट्र माता का संकल्प पूरा होकर रहेगा। जो बीच में आएगा आदिशक्ति के क्रोध से नहीं बचेगा। बाद में हमले की जिम्मेदारी वाला पोस्ट डिलीट कर दिया गया। रात करीब 8 बजे एक और पोस्ट की गई। इस बार लिखा था- लगता है अब चर्चा में आ गई हूं। ये हमें गिरफ्तार करने आए हैं। धर्म के लिए गिरफ्तारी क्या, सूली पर चढ़ जाऊं, चलिए साहब। गिरफ्तारी इसलिए, क्योंकि शंकराचार्य जी का समर्थन करती हूं। गौ माता राष्ट्र माता के आंदोलन में सम्मिलित होने से रोका जा रहा है। धर्म के लिए हर त्याग लेने का संकल्प लिया है। अब उस फेसबुक अकाउंट के बारे में जानिए- अकाउंट असली या फेक? 5 वजहों से बढ़ा शक अब पढ़िए आशुतोष महाराज ने हमले के बारे में जो बताया था… आशुतोष महाराज ने बताया था- मैं रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहा था। फर्स्ट AC कोच में बैठा था। रास्ते में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 5 बजे टॉयलेट के लिए उठा। गेट के पास एक आदमी खड़ा था। जैसे ही मैं आगे बढ़ा, उसने पीछे से मुझ पर हमला कर दिया। उसने धारदार हथियार से मेरी नाक काटने की कोशिश की और चेहरे व हाथ पर कई वार किए। इससे मुझे गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहा। वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे और ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया। वहीं से उन्होंने जीआरपी को फोन कर घटना की जानकारी दी। आशुतोष महाराज ने कहा था- अविमुक्तेश्वरानंद ने हमला करवाया FIR दर्ज करवाने के बाद आशुतोष महाराज ने दैनिक भास्कर से बात की थी। कहा था- अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट में सबूत न पेश कर पाऊं, इसलिए हमला करवाया। उसे पता है कि सबूत देखने के बाद कोर्ट से जमानत नहीं मिलेगी। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं आशुतोष महाराज आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली के कांधला कस्बे के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों में कंडक्टर थे।आशुतोष महाराज कांधला के प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर की कमेटी से जुड़े। वर्तमान में वह इसके प्रबंधक भी हैं। इन्हीं के परिवार के चाचा प्रदीप पांडे मंदिर में पुजारी हैं। 2022 में उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी। इसके बाद से वह संन्यासी जीवन जी रहे हैं। अब जानिए शंकराचार्य के साथ आशुतोष महाराज का विवाद ————————-
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आशुतोष महाराज बोले-21 लाख के लिए मुझ पर हमला किया; अविमुक्तेश्वरानंद अखिलेश यादव के गुरु, मेरे पास शंकराचार्य के खिलाफ तगड़े सबूत ’21 लाख रुपए की लालच में मुझ पर हमला किया और कराया गया। मुझे कोर्ट तक पहुंचने और सबूत देने से रोकने के लिए यह साजिश रची गई।’ यह दावा जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने किया। पढ़िए पूरी खबर