अयोध्या के निर्मला हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता शरद शुक्ला ने बताया कि जितने भी आरोप आईएमए की ओर से लगाए जा रहे हैं, सब निराधार हैं। 15 तारीख को जब पीड़िता को अस्पताल से रेफर किया जा रहा था, उस समय डॉ. राजेंद्र बनौधा ने लिखित में ओवरडोज स्वीकार किया था। शरद शुक्ला ने कहा कि उस समय उनके ऊपर कौन सा प्रेशर था और सुबह स्थानीय पुलिस के सामने उनके डॉक्टर ने स्वीकार किया कि ओवरडोज से मृत्यु हुई है। तो पुलिस के सामने वह कैसे दबाव में आ गए। मैक्स हॉस्पिटल की सर्टिफिकेट में बीमारी के लक्षण हेपरिन के ओवरडोज के उन्होंने कहा कि जिस मैक्स हॉस्पिटल का डेथ रिपोर्ट वह लोग दिखा रहे हैं, उसमें जितनी भी बीमारियां मृत्यु की लिखी गई हैं वह सब हेपरिन इंजेक्शन के ओवरडोज से होती हैं। सुबह 9 बजे एक डोज की जगह 5 गुना डोज लगाया गया। मैक्स हॉस्पिटल की सर्टिफिकेट में जितनी बीमारी लिखी हैं, वह सारे लक्षण हेपरिन के ओवरडोज के हैं। पुलिस मुकदमा लिखने में देरी क्यों कर रही है उन्होंने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या की पुलिस इतनी कमजोर हो गई है कि उसके मौजूदगी में धमकी दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस जिस सुप्रीम कोर्ट की हवाला दे रही है, उसमें फिर लिखा जा सकता है उसे पर एफआईआर नहीं की जा सकती जब तक जांच रिपोर्ट ना आए, तो पुलिस मुकदमा लिखने में देरी क्यों कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि निर्मल हॉस्पिटल का या पहला मामला नहीं आए दिन ऐसे मामले होते रहते हैं। डॉ. साहब के पास कोई सबूत हो कि मैं पैसा मांग रहा था तो उसको दें मृतक के पुत्र पीड़ित सुनील कुमार कौशल ने कहा कि डॉ. साहब के पास कोई सबूत हो कि मैं पैसा मांग रहा था तो उसको दें। उन्होंने कहा कि मैंने डिस्चार्ज के पहले अस्पताल का सारा फीस पेमेंट किया है। उन्होंने 3 बजे मुझको लिख करके दिया है कि मेरी गलती से हुआ है, तब मैं अपनी मां को लेकर के गया हूं। उन्होंने कहा कि जितने पैसे की आवश्यकता हो डॉक्टर साहब बताएं मैं अपना खेत घर द्वार सब बेच करके दूंगा। वह मेरी मां को जिंदा कर दें।