उन्नाव में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार पति-पत्नी और दो बच्चों टक्कर मार दी। चारों को कुचलते हुए निकल गया। ट्रक ड्राइवर कंटेनर को टक्कर मारने के बाद बचने के लिए भाग रहा था। परिवार की बड़ी बेटी पीछे से आ रहे साढ़ू की बाइक पर बैठी थी, जिससे वह बच गई। अब परिवार में सिर्फ तीन बेटियां बची हैं। हादसे में सभी की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक के पहियों के नीचे आने से शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। मांस के लोथड़े सड़क पर फैल गए। पुलिस ने खुरच-खुरच कर शवों को सड़क से उठाया और पॉलीथिन में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। बाइक भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत फरार हो गया। बाद में उसे पकड़ लिया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने हाईवे पर पड़े शवों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया। हादसा बुधवार देर रात जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर सोहरामऊ थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर हुआ। परिवार में अब सिर्फ तीन बेटियां बची हैं। हादसे की 2 तस्वीरें देखिए- परिवार वैवाहिक कार्यक्रम से लौट रहा था
अजगैन कोतवाली के रहने वाले वीरेंद्र (35) परिवार के साथ बुधवार को लखनऊ के बंथरा थानाक्षेत्र के दयालपुर बेती बंथरा गांव में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समापन के बाद रात में बाइक पर पत्नी रीतू (33), बेटी अनुराधा (9) और बेटे रुद्र (6) के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। दूसरी बाइक पर उनकी बड़ी बेटी नैना (14) साढू रंजीत के साथ बैठी थी। वीरेंद्र बाइक से आगे चल रहे थे। भल्ला फार्म तिराहे के पास पीछे आ रहे साढ़ू रंजीत को न देख बाइक रोक दी और उसका इंतजार करने लगा। तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने आगे चल रहे कंटेनर में टक्कर मार दी, जिससे कंटेनर हाईवे पर पलट गया। भागने के प्रयास में ट्रक अनियंत्रित होकर बाइक सवार परिवार को कुचल दिया। हादसे में दंपती और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। हादसे की सूचना पर पुलिस पहुंची और आनन फानन शवों को किनारे कराया। थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय ने बताया कि चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शव खुरच कर निकाले, मांस के लोथड़े सड़क पर फैल गए
ट्रक की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसकी टक्कर से बाइक सवारों के चीथड़े उड़ गए। बाइक सवार कुछ दूर हाईवे पर गिर गए और उनके चीथड़े उड़ गए। ऊपर से ट्रक के पहिए निकल गए, जिससे शवों के कुछ हिस्से हाईवे पर चिपक गए। मांस के लोथड़े इधर-उधर सड़क पर फैले हुए थे। कई लोथोड़े, तो डिवाइडर में चिपके हुए थे। मां-बाप और भाइयों के शव देखकर बेटी बेहोश हो गई परिवार की बड़ी बेटी नैना के सामने वह मंजर आज भी किसी डरावने सपने से कम नहीं है। हादसे के वक्त नैना अपने मौसा रंजीत की बाइक पर पीछे बैठकर आ रही थी। कुछ दूरी आगे ही उसके माता-पिता और भाई-बहन चल रहे थे। अचानक हुए भीषण हादसे में सब कुछ पल भर में बदल गया। जब नैना आगे बढ़ी और सड़क पर बिखरे अपनों को देखा, तो उसकी चीख निकल पड़ी। माता-पिता खून से लथपथ थे, भाई-बहन बेसुध पड़े थे। यह दृश्य नैना के लिए असहनीय था। चीख-पुकार के बीच नैनसी बदहवास होकर वहीं गिर पड़ी। मौसा रंजीत ने किसी तरह उसे संभाला, लेकिन बच्ची की हालत देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। कोई उसे पानी पिला रहा था तो कोई ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन नैना बार-बार अपनों की ओर देखने की जिद कर रही थी। एक ही पल में उसके सिर से माता-पिता का साया उठ गया और भाई-बहनों की किलकारियां हमेशा के लिए खामोश हो गईं। परिवार में तीन बेटियां बची हैं वीरेंद्र जाजमऊ स्थित एक लेदर फैक्ट्री में काम करते थे। उनके कुल पांच बच्चे थे। इस हादसे में उसके साथ एक बेटा और एक बेटी की भी मौके पर ही मौत हो गई। अब परिवार में तीन बेटियां नैना (14), सुनैना (10) और नैनसी (5) बची हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… सुसाइड करने वाली 3 बहनों का रहस्यमयी कमरा:दीवारों पर स्केच, क्रॉस के निशान, लिखा- मैं बहुत अकेली हूं
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी का यह वह फ्लैट है, जहां से कूदकर 3 नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने सुसाइड कर लिया। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें ऑनलाइन गेम ‘कोरियन लव गेम’ में इतना डूब चुकी थीं कि वह उससे बाहर नहीं निकल पाईं।भास्कर रिपोर्टर फ्लैट के उन 2 कमरों में पहुंचा जहां से तीनों बहनें कूदी थीं। फ्लैट में 3 कमरे हैं। पूरी खबर पढ़ें…