एडीएम ने विहिप संगठन मंत्री पर दर्ज कराया मुकदमा:फर्जी शिकायत और रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार

पीलीभीत में अपर जिलाधिकारी ने विहिप के संगठन मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। इन पर फर्जी शिकायत करने, धोखाधड़ी और रंगदारी मांगने का आरोप है। पुलिस ने विहिप के संगठन मंत्री को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पुनिया ने सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि विहिप के संगठन मंत्री प्रिंस गौण (शाहजहांपुर विभाग) ने बरेली कमिश्नर को एक फर्जी शिकायती पत्र भेजा था। इस पत्र में एडीएम पर स्टाम्प में अधिक जुर्माना लगाने, धारा 80 (कॉलोनी के विकास से संबंधित) के मामले में हस्तक्षेप करने और उनके मृत रिश्तेदारों के नाम पर जमीन खरीदने जैसे आरोप लगाए गए थे। मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश एडीएम पुनिया ने स्पष्ट किया कि स्टाम्प मामले में कोई निजी व्यक्ति बयान नहीं दे सकता। उन्होंने यह भी बताया कि धारा 80 का अधिकार एसडीएम को है, जबकि कॉलोनियों के विकास का कार्य सिटी मजिस्ट्रेट देखते हैं। एडीएम ने आरोप लगाया कि यह उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश थी और आरोपी एक गिरोह चला रहा है। उन्होंने खुद पर हमला कराए जाने की आशंका भी व्यक्त की। शिकायत की पुष्टि के लिए एडीएम ने विहिप के जिलाध्यक्ष को पत्र भेजा था। चार नवंबर को मिले जवाब में जिलाध्यक्ष ने पुष्टि की कि शिकायत वाला लेटर पैड फर्जी था और संगठन ने किसी को भी ऐसी शिकायत करने का अधिकार नहीं दिया है। एडीएम की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रिंस गौण को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को कोर्ट के माध्यम से जेल भेज दिया गया है। संगठन मंत्री की गिरफ्तारी के बाद यह मामला गरमा गया है। आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोग सक्रिय हो गए हैं। बरेली से लेकर लखनऊ तक वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं के बीच इस संबंध में बातचीत हुई है। विहिप के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण ने इस मामले को प्रशासनिक बताया और कहा कि वे अधिकारियों से जानकारी लेकर वरिष्ठजनों को सूचित करेंगे।