मेरठ में एनकाउंटर का डर दिखाकर धागा कारोबारी से 20 लाख रुपए वसूलने वाले दो दरोगा को पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। ये दोनों दरोगा पिछले 10 दिनों से फरार चल रहे थे। शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। मेरठ पुलिस को इनपुट मिला था कि दोनों आरोपी प्रयागराज में एक वकील से मिलने पहुंचेंगे। वे वकील के जरिए हाईकोर्ट में अपील कर गिरफ्तारी से बचने की तैयारी में थे। सूचना मिलते ही मेरठ पुलिस की टीम प्रयागराज पहुंच गई। शुक्रवार शाम को जैसे ही दोनों दरोगा लोकेंद्र साहू और महेश गंगवार वकील के चेंबर में पहुंचे, पुलिस ने उन्हें घेर लिया। दोनों ने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया। दोनों दरोगा लोहियानगर थाने में तैनात थे। अब कारोबारी की जुबानी पूरा घटनाक्रम… ‘जबरन कार में बैठाया, कहा- फंडिंग करता है, रासुका लगाएंगे’
मेरठ के इस्लामाबाद रिक्शा रोड के रहने वाले रासिख की एमएसआरएस टेक्सटाइल नाम की फर्म है। कारोबारी ने बताया- 8 दिसंबर को मैं नौचंदी के पास से अपनी दुकान से लौट रहा था। तभी रास्ते में आजाद रोड पर एक कार आकर रुकी। कार में पुलिस के दो दरोगा बैठे थे। एक कार से नीचे उतरा और जबरन मुझे गाड़ी में डाल लिया। धमकाते हुए कहा- फंडिंग करता है। तेरे पर रासुका लगाएंगे। दोनों दरोगा उसे हापुड़ ले गए। उस पर हवाला का पैसा मंगाकर फंडिंग करने का आरोप लगाया। रास्तेभर टॉर्चर किया, मेरी तबीयत बिगड़ने लगी
कारोबारी ने बताया- रास्ते भर मुझे बुरी तरह टॉर्चर किया, जिससे मेरी तबीयत बिगड़ने लगी। हापुड़ ले जाकर गोली मारने की धमकी दी। हवाला में पैसा लगाने का आरोप लगाते रहे। हापुड़ से लौटते समय ये दोनों मुझे अल्लीपुर के जंगल ले गए। वहां मनमानी वीडियो बनवाई। इतना डरा दिया कि मैं खुद को बचाने के लिए वही करने लगा, जो दरोगा बोलते गए। दोनों दरोगा ने तत्काल 50 लाख रुपए की व्यवस्था करने का दबाव बनाया। कहा- रकम आते ही छोड़ देंगे। नहीं तो गोली मारकर जेल भेज देंगे। मैंने कहा- इतनी बड़ी रकम की एकाएक व्यवस्था करना संभव नहीं है। ‘पहली बार 14 लाख वसूला, तब जाकर छोड़ा’
कारोबारी ने बताया- फिर दोनों दरोगाओं ने 20 लाख रुपए की डिमांड कर दी। मैंने अपने बहनोई नईम को फोन किया और रुपए लेकर आने के लिए कहा। थोड़ी देर बाद बहनोई अपने रिश्तेदार के साथ 14 लाख रुपए लेकर मौके पर पहुंचे। बैग दोनों दरोगा को थमा दिया। मैंने दरोगा से कहा कि 6 लाख की व्यवस्था नहीं हो पाई। जल्दी कर दूंगा। तब कहीं जाकर दोनों ने मुझे छोड़ा। मैं घर आया गया। मैं इतना डर गया था कि घरवालों को कुछ नहीं बताया। अगले दिन छह लाख रुपए की व्यवस्था की और दरोगा बताई जगह पर पहुंचा और उन्हें पैसे दिए।
‘धमकाया- मुंह खोला तो दिल्ली ब्लास्ट में फंसा देंगे’
उस वक्त एक दरोगा ने कहा- कल 14 नहीं 13 लाख रुपये लाए थे। अब एक लाख और लाकर दे। इस बार शहर में ही वह रकम ले लेंगे। उन्होंने एक लाख रुपए लेकर नौचंदी मैदान में बुला लिया। मैं बहनोई के साथ एक लाख लेकर नौचंदी मैदान पहुंचा। यहां दरोगा ने रकम ली। धमकी दी कि अगर कहीं मुंह खोला तो इस बार दिल्ली ब्लास्ट में तुझे फंसा देंगे। पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे सड़ता रहेगा। तेरे परिवार को भी शांति से जीने नहीं देंगे। रुपए देकर लौटने लगे तो दोनों दरोगा ने आवाज लगाकर उन्हें बुला लिया। बोले- मुंह खोला तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना। उनके पास उसकी वीडियो है, जिसमें वह फंडिंग की बात खुद कबूल कर रहा है। वह उस वीडियो को वायरल कर देंगे। दरोगा की धमकी से परेशान होकर मैं कुछ दिन चुप रहा, लेकिन एक दिन हिम्मत करके वह एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के दफ्तर पहुंच गया। उन्हें पूरी घटना बता दी। एसपी सिटी ने सीनियर अफसरों के संज्ञान में मामला डाला और मदद का भरोसा दिलाया। कैसे खुला दोनों दरोगा का राज?
आरोपों की पुष्टि के लिए अफसरों ने दोनों दरोगा को अपने भरोसे में लिया। कहा- पैसे वापस कर दो, कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद दरोगा ने 14 लाख कैश कारोबारी को किसी से भिजवा दिए। पुष्टि होते ही पुलिस ने 6 फरवरी को दोनों के खिलाफ कारोबारी की शिकायत पर FIR दर्ज की। एफआईआर दर्ज होते ही दोनों दरोगा फरार हो गए थे। ————————– ये खबर भी पढ़ेंः- विदेशी दूल्हे के साथ स्टेज पर आरी से लकड़ी काटी:जर्मनी से यूपी आई बारात, गुस्ताव ने दुल्हन के नाम की मेहंदी लगाई विदेश से आई बारात, देसी अंदाज में शादी की रस्में, स्टेज पर आरी से लकड़ी काटते दूल्हा और दुल्हन… फिरोजाबाद की इस अनोखी शादी ने हर किसी को चौंका दिया। जर्मनी से आए दूल्हे गुस्ताव ने न सिर्फ भारतीय रीति-रिवाजों से शादी रचाई, बल्कि दुल्हन खुशी के नाम की मेहंदी लगाकर प्यार का इजहार भी किया। पढ़ें पूरी खबर…