लखनऊ के एमिटी यूनिवर्सिटी का 21वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को आयोजित हुआ। इस दौरान 1730 स्टूडेंट्स को UG-PG की डिग्री दी गईं। 58 को पीएचडी की उपाधि से नवाजा गया। इस दौरान 127 अवॉर्ड प्रदान किए गए। जिसमें 33 स्वर्ण, 33 रजत, और 19 कांस्य पदकों के साथ 8 बेस्ट ऑल राउंड स्टूडेंट ट्रॉफियां शामिल रहीं। इसके अलावा 34 स्टूडेंट्स को बलजीत शास्त्री पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान KGMU कुलपति डॉ.सोनिया नित्यानंद, IITR के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण और HCL लखनऊ के सेंटर हेड ऋषि कुमार को मानद उपाधि दी गई। पिता की कहानी सुनाकर छात्रों को प्रेरित किया इस दौरान एमिटी के चेयरमैन असीम चौहान ने उपाधि पाने वाले स्टूडेंट्स से कहा कि इस दुनिया में ब्लेसिंग्स यानी दुआओं से ज्यादा पावरफुल कुछ भी नहीं है। आपके परिवार के अलावा आपके टीचर्स और मेंटर्स की ब्लेसिंग भी हमेशा आपके साथ है। चौहान ने कहा कि आज एक बार फिर आपको आपके फाउंडर प्रेसिडेंट अशोक चौहान की कहानी सुनाता हूं। उन्हें सरकारी स्कॉलरशिप से जर्मनी जाने का मौका मिला। उनके पिता सरकारी सेवा में थे, इसलिए उन्होंने अपने बेटों को आशीर्वाद देकर विदा किया और सीख दी कि जीवन में हमेशा बड़ों का सम्मान करना। पिता का आशीर्वाद लेकर अशोक चौहान जर्मनी गए और खुद की लगन और कड़ी मेहनत के बलबूते उन्होंने केमिस्ट्री और केमिकल इंजीनियरिंग की क्षेत्र में नाम कमाया। पेट्रो केमिकल इंडस्ट्रियलिस्ट के रूप में उन्होंने बड़ी कामयाबी हासिल की। उन्होंने 8 हजार जर्मन्स को नौकरी दी। वो अपने देश के लिए कुछ करना चाहते थे और इसी मकसद से उन्होंने भारत में एमिटी ग्रुप की स्थापना की। यूनिवर्सिटी हर कदम में आपके साथ एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ ने एमिटी विश्वविद्यालय की शानदार उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि एमिटी में स्टूडेंट्स के सर्वांगीण विकास को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि, आप एमिटी विश्वविद्यालय के अच्छे ब्रांड एंबेसडर बनें और उच्च नैतिक मूल्यों और ईमानदारी के साथ दुनियां में चमकें। ये दुनिया आपका इंतज़ार कर रही है कि आप आगे बढ़ें, अपनी पहचान बनाए, और हमेशा याद रखें कि आपकी यूनिवर्सिटी हर कदम पर आपका हौसला बढ़ाने के लिए आपके साथ है। मेरे पिता का रहा गहरा नाता पद्मश्री डा. सोनिया नित्यानन्द ने मानद डाक्टरेट की उपाधि ग्रहण करते हुए कहा कि यह मेरे लिए अत्यधिक सम्मान का क्षण है। उन्होने कहा कि मेरा एमिटी विष्वविद्यालय के साथ विशेष जुडाव हैं, क्यूकि मेरे पिता पद्मश्री डा. नित्यानन्द और डा. अशोक के. चौहान का बहुत नजदीकि का रिश्ता रहा है। उन्होने कहा कि KGMU और एमिटी एक साथ आकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर सकते हैं। इस मकसद से जीवन में करे काम एमिटी साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फाउंडेशन के प्रेसिडेंट और एमिटी डायरेक्टरेट ऑफ साइंस एंड इनोवेशन के डायरेक्टर जनरल डॉ. डब्ल्यू. सेल्वमूर्ति ने कहा कि आप जीवन में जो भी कार्य करिए उसे मात्र जीविका के लिए मत करिए। आपको अपना काम इस देश को मजबूत करने के इरादे से करना चाहिए। आप अपने काम को विकसित भारत बनाने के लक्ष्य में अपना योगदान मानकर करिए। स्टूडेंट्स को दिया जीवन मंत्र IITR के निदेशक डा.भास्कर नारायण ने कहा कि आप चूंकि लखनऊ में हैं और यहां की टेगलाइन है कि मुस्कराइए आप लखनऊ में है तो हमेशा मुस्कराते रहिए। उन्होने कहा कि यह विश्वास रखिए कि जीवन में किसी भी समस्या का एकमात्र हल है और है आप स्वयं। उन्होंने स्टूडेंट्स को टैप, लीडिंग, स्टार्ट और की शब्दों का जीवन मंत्र भी दिया। ऋषि कुमार ने कहा कि हमेशा अपने परिजनों का सम्मान करिए क्यूकि वो आपकी ताकत हैं। जैसे जैसे आप जीवन में तरक्की करिए समाज को भी उसके योगदान का हिस्सा वापस वापस करते रहिए। 7000 से ज्यादा स्टूडेंट्स कर रहे पढ़ाई साल 2004 में एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ कैंपस की स्थापना हुई थी। इस कैंपस में मौजूदा समय 17 विभागों के 1200 प्रोग्राम संचालित हो रहे हैं। जिनमें 7000 से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे। यूनिवर्सिटी में नैनो-टेक्नोलॉजी, बायो-टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि, फॉरेंसिक साइंस जैसे क्षेत्रों में रिसर्च भी किया जा रहा है।