एशिया के सबसे बड़े नोएडा एयरपोर्ट का फर्स्ट लुक:गंगा घाट की तरह एंट्री गेट, हवेली जैसा आर्किटेक्चर, चेहरा स्कैन होते ही एंट्री

यूपी के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आपके सफर के लिए तैयार है। फर्स्ट फेज में 3300 एकड़ में बने एक टर्मिनल और रनवे का काम पूरा हो चुका है। बस फिनिशिंग बाकी है। एक रनवे के साथ इस टर्मिनल की सालाना क्षमता 3 करोड़ पैसेंजर संभालने की होगी। एयरपोर्ट के फर्स्ट फेज की लागत करीब 11 हजार करोड़ है। 28 मार्च को PM मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। सभी 4 फेज का काम पूरा हो जाने के बाद ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा बड़ा एयरपोर्ट होगा। हालांकि पूरा बनने की डेडलाइन 2040 है। भास्कर सबसे पहले इस एयरपोर्ट के अंदर पहुंचा है। पढ़िए आपके काम की सारी बातें… 1. टर्मिनल बिल्डिंग 2. एंट्री गेट 3. डिपार्चर एरिया 4. सेल्फ बैगेज ड्रॉप फैसिलिटी 5. सिक्योरिटी चेक 6. बोर्डिंग एरिया 7. लाउंज एरिया 8. टेंपल ऑफ बेल्स 9. एयरोब्रिज 10. सुरक्षा नोएडा एयरपोर्ट की खास बातें 1. रनवे के लिहाज से एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 5 रनवे बनाए जाने हैं। यहां छठवां रनवे भी बनाया जा सकता है। इसके बाद ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठवें नंबर का एयरपोर्ट होगा। रनवे के लिहाज से एशिया में चीन का शंघाई पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे बड़ा है।
2. एरिया के लिहाज से भी एशिया में सबसे बड़ा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुल 52 स्क्वायर किमी में बनना प्रस्तावित है। अगर ऐसा हुआ तो एरिया वाइज भी ये एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा। अभी एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट चीन का बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इसका एरिया 47 स्क्वायर किमी है।
3. दूसरा फेज पूरा होते ही देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा
नोएडा एयरपोर्ट के पहले स्टेज के लिए यमुना डेवलपमेंट अथॉरिटी ने 3300 एकड़ जमीन अलॉट की है। ये एरिया करीब 13.35 स्क्वायर किमी है। दूसरे स्टेज में एयरपोर्ट का कुल एरिया बढ़कर करीब 7200 एकड़ या 29 स्क्वायर किमी हो जाएगा। अभी देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट हैदराबाद का राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो करीब 5500 एकड़ यानी 22.25 स्क्वायर किमी में बना है। 28 मार्च को उद्घाटन, 45 दिन बाद पहली उड़ान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन PM मोदी 28 मार्च को करेंगे। हालांकि फ्लाइट मई से शुरू हो सकती है। नोएडा एयरपोर्ट अथॉरिटी से जुड़े अफसरों ने बताया कि किराया अभी तय नहीं है, लेकिन ये दिल्ली एयरपोर्ट मुकाबले कम हो सकता है क्योंकि यहां एयरलाइंस के लिए डेवलपमेंट चार्ज कम रखा गया है। यहां से विदेशी उड़ानों के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी-एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम की मंजूरी मिलनी बाकी है।