ऑनलाइन इंटीरियर डेकोरेशन के नाम पर ठगी, 2 गिरफ्तार:जस्ट डायल से शिकार तलाशते थे, लखनऊ पुलिस ने दिल्ली से पकड़ा

लखनऊ पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले दो शातिर युवकों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम सेल और कृष्णानगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से कई डेबिट-क्रेडिट कार्ड, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी देश के कई राज्यों में इसी तरीके से ठगी कर चुके हैं। सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम सेल और सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर के नेतृत्व में टीम ने मामले का खुलासा करते हुए 9 जनवरी 2026 को दोनों अभियुक्तों को दिल्ली से गिरफ्तार किया। दोनों ऑनलाइन फेक बिजनेस फर्म बनाकर इंटीरियर डेकोरेशन का सामान सस्ते दाम पर बेचने का झांसा देकर ठगी करते थे। आर्टिफिशियल ग्रास बेचने के नाम पर की ठगी मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने सस्ते दाम पर आर्टिफिशियल ग्रास उपलब्ध कराने के नाम पर हुई साइबर ठगी की शिकायत साइबर क्राइम सेल में दर्ज कराई। जांच के बाद थाना कृष्णानगर में मुकदमा 66डी आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी सामान का बिल और फर्जी ट्रैवल एजेंसी का बिल भेजकर एडवांस के रूप में 1 लाख 65 हजार रुपए म्यूल खाते में जमा करवा लिए और फिर संपर्क तोड़ दिया। जस्ट डायल से तलाशते थे शिकार, वॉट्सऐप से करते थे डील पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जस्ट डायल एप पर डेकोरेशन डीलरों की प्रोफाइल सर्च करते थे। इसके बाद फर्जी सिम से बनाए गए वॉट्सऐप अकाउंट के जरिए संपर्क कर कम दाम में सामान उपलब्ध कराने का लालच देते थे। खुद को बड़ा व्यापारी बताकर ऑनलाइन डाउनलोड किए गए सैंपल फोटो भेजते और डील फाइनल कर लेते थे। इसके बाद ट्रैवल एजेंसी के नाम से फर्जी बिल्टी और इनवाइस बनाकर एडवांस रकम मंगवाई जाती थी। फर्जी इनवाइस और म्यूल खातों का जाल आरोपियों ने GST Invoice Manager, Transport Bilty Maker और Vyapar Invoice Maker जैसे एप का इस्तेमाल कर फर्जी इनवाइस और बिल्टी तैयार की। पीड़ितों से म्यूल खातों और गेमिंग एप के वॉलेट में पैसे डलवाने के बाद आरोपी वॉट्सऐप अकाउंट बंद कर देते थे और इस्तेमाल की गई सिम तोड़कर फेंक देते थे, जिससे उनकी पहचान छुपी रहे। भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक-​​​​बैंकिंग सामान बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, 16 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, पांच सिम कार्ड और 600 रुपए नकद बरामद किए हैं। बरामद कार्ड और मोबाइल की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे और ठगी के मामलों का खुलासा होने की संभावना है। देशभर में 11 शिकायतें, करोड़ों की ठगी का शक पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर देशभर से कुल 11 शिकायतें दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में लगभग एक करोड़ रुपए की साइबर ठगी किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस संबंधित राज्यों से संपर्क कर आरोपियों के आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। दिल्ली के रहने वाले हैं दोनों आरोपी गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मोहित जोशी और गुलबीर के रूप में हुई है। मोहित जोशी उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले का मूल निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के आदर्श नगर क्षेत्र में रह रहा था, जबकि गुलबीर जहांगीरपुरी दिल्ली का निवासी है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।