मेरठ के कपसाड़ गांव से बीते गुरुवार को अगवा की गई युवती की बरामदगी होने के बाद परिजनों को सुपुर्द करने के 24 घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसकी सूचना प्रशासन को मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया के निर्देश पर सरधना सीएससी से डॉक्टर की टीम पहुंची। उसके स्वास्थ्य की जांच की। दवा देकर आराम की सलाह दी है। पेट दर्द की समस्या थी सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि रूबी के स्वास्थ्य की जांच करने टीम पहुंची थी जिनसे उसने पेट दर्द की समस्या बताई। इसके लिए उसको टीम ने दवा भी दी है। अब उसकी तबीयत में सुधार भी है। अगर भविष्य में फिर कोई समस्या होगी तो आगे भी इलाज कराया जाएगा। घर जाकर ही डॉक्टर ने क्या चेकअप रूबी की तबीयत खराब होने के बाद परिजन उसे डॉक्टर के पास नहीं लेकर गए, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की और से डॉक्टर की एक टीम रूबी के घर पहुंची। इसके बाद उन्होंने उसके घर ही उसके स्वास्थ्य की जांच कर उसका दवाई दी। हालांकि जब रूबी को उसके परिजनों को सुपुर्द किया था, तब भी वह घबराई हुई थी। अब जानिए क्या था पूरा मामला… 8 जनवरी को सरधना के कपसाड़ गांव में रहने वाली रूबी को गांव के ही राजपूत समाज के युवक पारस ने खेत में जाते समय अगवा कर लिया था। इस दौरान बीच बचाव में आई उसकी मां पर पारस ने धारदार हथियार से हमला किया इसके बाद उसकी मौत हो गई थी। घटना के लगभग 48 घंटे होने के बाद पारस और रूबी को पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। 10 जनवरी की रात मेरठ लाने के बाद रूबी को पुलिस ने ज्योति वन स्टॉप सेंटर भेज दिया था। इसके बाद मेरठ पुलिस ने 11 जनवरी को रूबी को एसीजेएम 2 की कोर्ट में 164 के बयानों के लिए पेश किया। बाद में उसे वापस वहीं भेजने के बाद 12 जनवरी को बयानों के आधार पर रूबी को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया था । इसके लगभग 24 घंटे बाद गांव में रूबी की तबीयत खराब हुई जहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरधना सीएससी से डॉक्टर की टीम में जाकर रुबी का मेडिकल चेकअप कर दवा दी।