कानपुर देहात में होली पर मंदिरों में विशेष श्रृंगार:श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का फूलों, अबीर-गुलाल से किया पूजन

कानपुर देहात में रंगों का पर्व होली पूरे उत्साह, उमंग और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही बाजारों में रंग, गुलाल और पिचकारियों की दुकानों पर बच्चों की भीड़ उमड़ पड़ी। छोटे-छोटे बच्चे तरह-तरह की पिचकारियां और रंग खरीदते नजर आए। दिन चढ़ने के साथ ही गलियों और मोहल्लों में रंगों की बौछार शुरू हो गई। लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिलते हुए होली की शुभकामनाएं दीं। होलियारों की टोलियों ने सभी को प्रेमपूर्वक रंगों में सराबोर कर दिया। दोपहर तक महिलाएं, युवा और बुजुर्गों की टोलियां ढोल और डीजे की धुन पर जमकर थिरकती रहीं। कहीं अबीर-गुलाल उड़ता रहा तो कहीं रंगों की फुहारों के बीच हंसी-ठिठोली का दौर चलता रहा। गांवों में भी लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर बड़ों का आशीर्वाद लिया और होली की बधाई दी। होली के अवसर पर मंदिरों में भी आस्था की छटा बिखरी। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का फूलों, अबीर और गुलाल से विशेष श्रृंगार किया। पूजा-अर्चना और आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया और भक्तों ने भगवान के साथ प्रतीकात्मक रूप से होली खेली। पोखरा गजबे स्थित सुहा बाबा मंदिर परिसर में स्टाल लगाकर लोगों को होली की शुभकामनाएं दी गईं। इसी अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और भोगनीपुर विधानसभा से पूर्व विधायक सहित भाजपा नेताओं ने भी लोगों से मिलकर उन्हें होली की बधाई दी। घरों में भी मेहमानों की रौनक बनी रही। रिश्तेदारों और मित्रों का आना-जाना लगा रहा। लोगों ने चाय, गुजिया और अन्य पकवानों के साथ एक-दूसरे का स्वागत किया तथा आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया। कुल मिलाकर, कानपुर देहात में इस बार की होली सामाजिक समरसता, परंपरा और उल्लास का अनूठा संगम बनकर सामने आई, जहां रंगों के साथ रिश्तों की मिठास भी घुली रही।