कानपुर में खुशबू का बिजनेस:अगरबत्ती उद्योग में 30% तक मुनाफा, BND कॉलेज में युवाओं ने सीखे कमाई के गुर

अगरबत्ती और धूपबत्ती का कारोबार अब केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर बनने का एक बड़ा जरिया बन गया है। शहर के मॉल रोड स्थित ब्रह्मानंद कॉलेज (BND) में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर विशेषज्ञों ने युवाओं को इस बिजनेस की बारीकियां समझाईं। विशेषज्ञों का दावा है,कि इस उद्योग में लागत पर आसानी से 25 से 30 प्रतिशत तक का रिटर्न लिया जा सकता है। बाजार में खाली है बड़ी जगह, संगठित क्षेत्र की हिस्सेदारी सिर्फ 20% सरस एवं सुगंध विकास केंद्र के प्रभारी सहायक निदेशक डॉ. भक्ति विजय शुक्ला ने डेटा के जरिए इस बिजनेस की इकोनॉमिक्स समझाई। उन्होंने बताया कि,भारत में अगरबत्ती का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें संगठित क्षेत्र (Organized Sector) की भागीदारी सिर्फ 20 प्रतिशत ही है। इसका मतलब है कि नए उद्यमियों और छोटे स्टार्टअप्स के लिए इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। कम पूंजी लगाकर भी इस काम को बड़े स्तर पर ले जाया जा सकता है। सिर्फ बनाना काफी नहीं, ‘पैकेजिंग’ और ‘मार्केटिंग’ बढ़ाएगी डिमांड वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि उत्पाद की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी चमक-धमक यानी पैकेजिंग भी उतनी ही जरूरी है। वरिष्ठ जानकारों ने बताया कि अगरबत्ती की खुशबू ग्राहक को खींचती है, लेकिन उसकी पैकिंग उसे ब्रांड बनाती है। प्रतिभागियों को मार्केटिंग की उन बारीकियों से रूबरू कराया गया जिससे वे बाजार में स्थापित कंपनियों को टक्कर दे सकें। कैसे तैयार करें प्रोजेक्ट रिपोर्ट? CA ने दिए टिप्स किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए पैसों का इंतजाम और सरकारी कागजी कार्रवाई सबसे बड़ी चुनौती होती है। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) ने अगरबत्ती उद्योग का पूरा वित्तीय लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने बताया कि,बैंक लोन के लिए एक मजबूत प्रोजेक्ट रिपोर्ट कैसे तैयार की जाती है और किन तकनीकी बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि बिजनेस शुरू करने में कोई कानूनी अड़चन न आए। ‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनें छात्र कॉलेज के प्राचार्य ने छात्रों को भविष्य का मंत्र देते हुए कहा कि आज के समय में नौकरी मांगने वाला बनने के बजाय नौकरी देने वाला (Job Creator) बनना ज्यादा सम्मानजनक और फायदेमंद है। पांच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में सुगंध और उससे जुड़े उद्योगों की बारीकियों को सिखाया गया ताकि छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद खुद का स्टार्टअप शुरू कर सकें।इस मौके पर कॉलेज के विभिन्न विभागों के प्रोफेसर और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।