‘गोरेलाल मेरी 13 साल की बेटी पर बुरी नजर रखता था। वह कहता था कि मुझे तुम्हारी बेटी के साथ शारीरिक संबंध बनाने हैं। मैंने जब मना किया तो उसने धमकी दी, कहा कि तेरे इकलौते बेटे को मारकर फेंक दूंगा। एक दिन उसने मेरी बेटी को बैड टच किया। यह देखकर मेरा खून खौल उठा। मैंने उसी पल उसके मर्डर करने का विचार कर लिया। फिर मैंने अपने भतीजे ईशू को बुलाया। फिर गोरेलाल को शराब पिलाई। फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। फिर जंगल में फेंक दिया।’ यह कबूलनामा है कि चौबेपुर की रहने वाली लक्ष्मीदेवी गौतम का। पुलिस ने उसे और उसके भतीजे को अरेस्ट किया है। दोनों ने 49 दिन पहले गोरे लाल का मर्डर किया था। पुलिस ने दोनों की निशानदेही से चौबेपुर के जंगल से गोरे लाल का कंकाल बरामद किया है। कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। गोरे 31 अक्टूबर को लापता हो गया था। परिजनों ने 2 नवंबर को थाने में गुमशुदगी लिखाई थी। 31 अक्टूबर को लापता हुआ था गोरेलाल
डीसीपी वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने बताया कि चौबेपुर के रौतापुर कला निवासी गोरे लाल 31 अक्टूबर को लापता हो गया था। पिता रामस्वरूप ने 2 नवंबर को गुमशुदगी लिखाई थी। इसके बाद सर्विलांस टीम को लगाया था। पुलिस ने गांव वालों और रिश्तेदारों से बात की। पुलिस की जांच में पता चला कि बंशीपुरवा रौतापुर कला निवासी 35 वर्षीय लक्ष्मीदेवी गौतम से गोरे लाल से चार साल से अवैध संबंध थे। लक्ष्मी की 5 बेटियां और एक बेटा है। पूछताछ में लक्ष्मी ने बताया कि उसकी 13 वर्षीय बेटी पर गोरे लाल की बुरी नीयत थी। वह कहता था कि मुझे तुम्हारी बड़ी बेटी के साथ शारीरिक संबंध बनाने हैं। वह लगातार मुझ पर दबाव बना रहा था। मैं उसे लगातार मना कर रही थी। ऐसा कुछ नहीं करना है। वह मेरी बेटी है। गोरेलाल मेरे सामने बेटी को छेड़ता था
तुम्हें चाचा कहती है। मगर वह नहीं मान रहा था। एक दिन उसने मेरी बेटी को बुलाया। उसे मेरे सामने ही बैड टच किया। फिर मेरी तरफ देखकर मुस्कुराया। मेरी बेटी झेंप गई और वह रोते हुए बाहर भाग गई। दो-तीन दिन तक वह गुमसुम रही। मैंने गोरेलाल को मना किया तो उसने कहा कि अब अगर मुझे रोका या मेरे रास्ते में आई तो तेरे बेटे को मार दूंगा। गोरेलाल जब भी आता, उसे छेड़ता था। मैं ये सब देख नहीं पा रही थी। ये सब बर्दाश्त के बाहर हो रहा था। फिर मैंने उसे मारने की प्लानिंग की। इसमें गांव शाह निवादा निवासी भतीजे ईशू को शामिल किया। मैंने ईशू को फोन कर बुलाया। लड़की दिखाने के बहाने मायके ले गई, फिर मार दिया
एक दिन मैंने उससे कहा मेरे मायके में एक लड़की है, उसे देख लो चलकर। तुम्हारी उससे शादी करा देंगे। गोरेलाल मेरे साथ चलने को तैयार हो गया। 31 अक्टूबर को मैं उसे अपने मायके लेकर शाह निवादा लेकर गई। यहां पर भतीजे ने उसे खूब शराब पिलाई। जब गोरे लाल नशे में हो गया तो उसका गमछे से गला घोंट दिया। इसके बाद उसकी डेडबॉडी को घर से 300 मीटर दूर जंगल में फेंक दिया। शुक्रवार को पुलिस लक्ष्मी और ईशू को लेकर जंगल पहुंची। जहां से गोरे लाल का कंकाल बरामद किया। ………………… ये खबर भी पढ़िए- हवनकुंड में महिला को जिंदा जलाने वाले 4 को उम्रकैद, संभल में घर में घुसकर बेटी के सामने मां से किया था गैंगरेप संभल में गैंगरेप के बाद मंदिर के हवन कुंड में महिला को जिंदा जला दिया गया था। वारदात के साढ़े 7 साल बाद आए फैसले में 4 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही कोर्ट ने हर दोषी पर एक लाख 7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। पीड़ित परिवार ने सभी दोषियों को फांसी की सजा की मांग की थी। पढ़ें पूरी खबर…