धर्म और आस्था की नगरी कानपुर में रविवार को एक अलग ही उल्लास देखने को मिला। हरिद्वार में पट्टाभिषेक होने के बाद प्रथम बार नगर आगमन पर अनंत श्री विभूषित महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोष नाथ महाराज का श्रद्धालुओं ने पलकें बिछाकर स्वागत किया। शहर की सीमा में प्रवेश करते ही मंधना स्थित रामा मेडिकल कॉलेज से लेकर कार्यक्रम स्थल तक का पूरा मार्ग ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। उनके स्वागत में शहर के विभिन्न चौराहों पर भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ भक्तों ने अपने आराध्य का अभिनंदन किया।
स्वागत का सिलसिला मंधना से शुरू होकर कल्याणपुर और पनकी मंदिर तक जारी रहा। इसके बाद जैसे ही महाराज जी का काफिला फजलगंज चौराहे पर पहुंचा, वहां का दृश्य देखते ही बनता था। क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र मैथानी की मौजूदगी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उन्हें मालाओं से लाद दिया। यहां से शुरू हुआ उत्साह बिरहाना रोड, निराला नगर और मां काली मंदिर होते हुए एक भव्य शोभायात्रा के रूप में बदल गया। दीप तिराहा और साकेतनगर से गुजरते हुए यह यात्रा केशवनगर स्थित श्री शारदा सिद्ध शक्ति दरबार पहुंची, जहां पहले से ही हजारों भक्त उनके दर्शनों की प्रतीक्षा कर रहे थे। शोभायात्रा के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। ढोल-ताशों की थाप और भजनों की मधुर धुनों पर महिला श्रद्धालु जमकर झूमती नजर आईं। उत्सव का मुख्य आकर्षण फूलों की होली रही, जिसमें महिलाओं और युवाओं ने एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा कर महाराज जी के आगमन की खुशी मनाई। रास्ते भर भक्तों ने अपने घरों और छतों से महामंडलेश्वर पर फूलों की बारिश की। महाराज जी ने भी हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। केशवनगर स्थित मदर टेरेसा स्कूल के पास आयोजित मुख्य समारोह में भक्तों का तांता लगा रहा, जहां लोगों ने स्वामी जी के चरणों में मत्था टेका। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में श्री शारदा शक्तिपीठ दरबार के सेवादारों और स्थानीय लोगों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान शारदा उपाध्यक्ष अंबुज उपाध्याय एडवोकेट, अक्कू, मानस, सुयश साहू और नितेश राठौर सक्रिय भूमिका में रहे। इनके साथ ही अतुल शुक्ला, अजीत श्रीवास्तव, प्रदीप भाटिया, सिद्धार्थ तिवारी, सतीश शुक्ला, संतोष सिंह, विनय पाल, कमल यादव और दिव्यांशु गौड़ सहित भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।