कानपुर में ऑन-डिमांड नशे की सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। चकेरी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि हाई सोसाइटी और पॉश इलाकों में युवकों-युवतियों तक विदेशी नशा पहुंचाया जा रहा है। यह पूरी सप्लाई वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए ‘ऑन डिमांड’ होती थी और एक-एक पुड़िया हजारों रुपए में बेची जा रही थी। पुलिस ने छापेमारी कर तीन सप्लायरों को सुभाष नगर से गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से टीएचसी, कोकीन, सप्लाई में इस्तेमाल होने वाली स्कूटी, क्रशर, छोटी पन्नियां और नकदी बरामद हुई। आरोपी किराए के फ्लैट में रहकर नशे की डिलीवरी करते थे और समूह बनाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में कस्टमर जोड़ रखे थे। पुलिस को इनके मोबाइल से हाईफाई सोसाइटी में रहने वाली महिलाओं, युवतियों और स्टूडेंट के नंबर मिले हैं। पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं और पुलिस अब गैंग लीडर की तलाश में जुट गई है। काकादेव से सिविल लाइंस तक फैला था नेटवर्क चकेरी पुलिस ने हरबंश मोहाल निवासी कुनाल गुप्ता, अर्जुन सिंह उर्फ ट्विंकल और मनीष उर्फ मन्नू को गिरफ्तार किया। तीनों किराए के फ्लैट से नशे का कारोबार चला रहे थे। इनके पास से 100.38 ग्राम टेट्राहाइड्रो कैनाबिनॉल (टीएचसी) और 3.45 ग्राम कोकीन बरामद हुई। टीएचसी की कीमत करीब 10 लाख और कोकीन 20 हजार रुपए प्रति ग्राम तक बिकती है। साथ ही एक पैकेट कोकीन, तीन क्रशर, छोटी-छोटी पन्नियां, 25 हजार रुपए नकद, स्कूटी और मोबाइल भी मिले हैं। वॉट्सऐप ग्रुप से आती थी डिमांड आरोपियों के मोबाइल में शहर के हर इलाके काकादेव, स्वरूप नगर, गोविंद नगर, सिविल लाइंस समेत कई एरिया के अलग-अलग वॉट्सऐप ग्रुप मिले। इन ग्रुप में कस्टमर लोकेशन, कार नंबर और पेमेंट की जानकारी भेजते थे। सप्लायर स्कूटी से पहुंचता और ग्राहक की गाड़ी में नशा डालकर लौट आता था। पेमेंट ऑनलाइन हो जाती थी। विदेशों से आती सप्लाई, पूल पार्टियों में बढ़ी मांग आरोपियों ने बताया कि यह नशा हिंदुकुश की पहाड़ियों में मिलने वाले एक खास फूल से तैयार होता है। यह फूल इम्पोर्ट होकर भारत आता है और फिर यूपी तक सप्लाई होता है। सबसे ज्यादा डिमांड उन युवाओं की है जो थाईलैंड, सिंगापुर जैसे देशों में घूमकर लौटते हैं। हाई सोसाइटी की पूल पार्टियों में भी इसकी सप्लाई की जाती थी। महिलाएं और युवतियां भी कस्टमर आरोपियों ने खुलासा किया कि नशे की डिमांड केवल युवकों से नहीं, बल्कि युवतियों और महिलाओं से भी आती थी। शहर की कई हाईफाई सोसाइटी और अपार्टमेंट में रहने वाले लोग इनके नियमित ग्राहक थे। कोचिंग मंडियों में पढ़ने वाले स्टूडेंट भी ऑर्डर देते थे। पूछताछ में पुलिस को रैकेट की पूरी चेन का सुराग मिल गया है। जल्द ही गैंग लीडर की गिरफ्तारी की उम्मीद है। जिन वॉट्सऐप ग्रुप से ऑर्डर आते थे, उनमें जुड़े लोगों की भी जांच होगी। कई हाई-प्रोफाइल नाम सामने आने की आशंका है। पहली बार कानपुर में पकड़ा गया टीएचसी एसीपी सुमित रामटेके के अनुसार टीएचसी का इस्तेमाल विदेशों में अधिक होता है। यूपी में यह नशा पहली बार लखनऊ में और दूसरी बार कानपुर में पकड़ा गया है। पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जेसीपी (हेडक्वार्टर एंड क्राइम) विनोद कुमार ने आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की है।