आगरा में कार में जलकर LIC एजेंट की मौत हो गई। बॉडी पूरी जलकर खाक गई थी। पुलिस को सीट से चिपकी हड्डियां मिली हैं। जिन्हें पॉलिथीन में भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। दरअसल, एजेंट की आई-10 कार में अचानक आग लग गई। सेंट्रल लॉक खराब होने की वजह से वह अंदर ही फंस गए, कार का गेट नहीं खुला। आग की लपटों में घिरे वीरेंद्र ठकवानी चिल्लाते रहे। बार-बार हार्न बजाते रहे, मगर उन्हें कोई बचा नहीं सका। घटना के 10 मिनट में पुलिस और 15 मिनट में फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियां पहुंच गईं। 30 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि तब तक एलआईसी एजेंट का केवल कंकाल ही बचा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हम उन्हें बचाना चाहते थे, मगर आग इतनी तेज थी कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। हादसा गुरुवार रात का बिजपुरी में मघटई तिराहे के पास का है। पहले देखिए 2 तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला… लोग बोले- दूर खड़े लोग जलते देखते रहे
कमला नगर इलाके के शीतल अपार्टमेंट में वीरेंद्र ठकवानी रहते हैं। गुरुवार रात को वह बोदला से बिचपुरी की तरफ अपनी आई-10 कार से जा रहे थे। कार में वह अकेले थे। मघटई तिराहे के पास कार में तेज धमाका हुआ। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जलती कार देखकर लोगों ने दूर ही अपने वाहन रोक दिए। डर की वजह से कोई पास जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने 30 मिनट में आग पर काबू पा लिया। मगर, तब तक वीरेंद्र ठकवानी जिंदा जल चुके थे। कार के नंबर प्लेट के आधार पर मोबाइल नंबर खोजकर वीरेंद्र की पहचान की गई। पुलिस ने बच्चों को संभाला
घटना की जानकारी मिलते ही वीरेंद्र ठकवानी के बेटे मानव और आर्यन वहां पहुंचे। वह कार की पहचान करने के बाद फूट-फूटकर रोने लगे। उस समय पुलिस भी थी। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को किसी तरह संभाला। इसके बाद उन्हें घर भेजा। वीरेंद्र कार लेकर कहां जा रहे थे? यह परिजन नहीं बता सके। मदद मांग रहे, कोई आगे नहीं आया
प्रत्यक्षदर्शी बिचपुरी निवासी प्रवीन ने बताया- मैं बाइक से प्रतापपुरा में रहने वाली बहन के घर जा रहा था। कार में आग लगी, देख बाइक रोक दी। हम कुछ कर पाते तब तक कार से लपटें उठने लगीं। कार चलाने वाले ने शोर मचाया। बाहर निकलने का भी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। लोग पास जाने की हिम्मत नहीं कर सके। कार में था सेंट्रल लॉक सिस्टम
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया- कारों में सेंट्रल लॉक सिस्टम लगा होता है। आग लगने पर वह खराब हो जाता है। गाड़ी का दरवाजा नहीं खुलने की वजह से लोग बाहर नहीं आ पाते हैं। इस तरह से कई बार घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों को सुरक्षा के लिए कार में छोटा हथौड़ा रखना चाहिए, जिससे दरवाजा लॉक होने पर शीशा तोड़कर बाहर आया जा सके। वहीं आग बुझाने के लिए भी फायर सिलेंडर होना चाहिए। हादसे के मामले में कार की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। कार में सीट में फोम और प्लास्टिक फ्रेम होने की वजह से आग भीषण हो गई और चालक सीट पर ही बैठा रह गया। ACP लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया- आग से पूरी कार खाक हो गई है। LIC एजेंट की मौत हो गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। …… ये भी पढ़ें- सहारनपुर में डायमंड शोरूम में 2 करोड़ की चोरी:दीवार में एक फीट का छेद किया, दरवाजा तोड़ा; कैरटलेन में 20 CCTV लगे थे सहारनपुर में एक डायमंड शोरूम में बड़ी चोरी हुई। चोरों ने गुरुवार देर रात टाटा कंपनी की फेमस डायमंड फ्रेंचाइजी ‘कैरटलेन’ को निशाना बनाया। 2 लाख कैश और करोड़ों रुपए के गहने चुराकर भाग गए। घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह 7 बजे हुई। शोरूम के ठीक बगल में बनी सैनेटरी शॉप वाले ने इसकी जानकारी दी। पढ़िए पूरी खबर…