लखनऊ के रिंग रोड आदिल नगर स्थित एडीएलडी टोयोटा कंपनी में कैशियर और अकाउंटेंट ने मिलकर करीब 8.77 लाख की हेराफेरी की। दोनों ने फर्जी बिल और दस्तावेजों के जरिए हेरफेर की। कंपनी की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। कंपनी ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। कंपनी के सीएफओ तरुण केशवानी ने बताया कि यह गड़बड़ी कंपनी के कैशियर संदीप पाल और अकाउंट मैनेजर करुणेश शुक्ला ने की है। दोनों कर्मचारियों को कंपनी के नगद लेन-देन और रिकॉर्ड की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन काम के दौरान इन्होंने फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार कर रकम में हेराफेरी की। जांच में सामने आया कि दोनों ने ग्राहकों से मिले नकद भुगतान को गड़बड़ तरीके से लिखा किया। एक ग्राहक के रुपए दूसरे के नाम चढ़ाई गई और बचे हुए रुपए निजी इस्तेमाल में ले ली गई। गलती की जानकारी होने पर कराई गई जांच कंपनी के सीईओ बाला सुब्रमण्यम को जब 8 अप्रैल 2024 को इस गलती की जानकारी हुई तो आंतरिक जांच कराई गई। जांच में पुष्टि हुई कि दोनों आरोपियों ने कुल 8 लाख 77 हजार 486 रुपए का गबन किया है। कंपनी प्रबंधन ने बताया कि यह धोखाधड़ी पूरी योजना के तहत की गई है। जिसमें दोनों कर्मचारियों ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे नगदी लेनदेन में हेराफेरी कर कंपनी को नुकसान पहुंचाया। दोनों के खिलाफ विकासनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। थाना प्रभारी विकास नगर आलोक सिंह का कहना है कि केस दर्ज करके जांच की जा रही है।