काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन एक दिन और बंद:गर्भगृह में चल रहा संगमरमर बदलने का काम, PWD ने मांगा समय

काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन के लिए अभी एक दिन और इंतज़ार करना होगा। गर्भगृह के अंदर चल रहे संगमरमर परिवर्तन कार्य समय पर पूरा न होने के कारण मंदिर प्रशासन ने रविवार को भी स्पर्श दर्शन पर रोक जारी रखने का निर्णय लिया है। मंदिर न्यास के डिप्टी कलेक्टर शंभु शरण ने बताया कि गर्भगृह में चल रहा पत्थर बदलने का काम पहले अनुमानित समय से अधिक जटिल निकल रहा है। इसके कारण कार्य की गति प्रभावित हुई है। इसके अतिरिक्त, मंदिर में होने वाली पांचों पहर की आरती में काफी समय लग जाता है। जिससे गर्भगृह के अंदर श्रमिकों द्वारा किए जा रहे कार्य के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि आरती के समय श्रमिकों को कार्य रोकना पड़ता है, जिससे पूरा शेड्यूल खिसक गया। आज रात तक काम पूरे होने का दावा
डिप्टी कलेक्टर के अनुसार, कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी ने आश्वासन दिया है कि रविवार देर रात तक संगमरमर लगाने का कार्य पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इसी के मद्देनज़र स्पर्श दर्शन पर लगी रोक को अस्थायी रूप से रविवार तक बढ़ाया गया है। गौरतलब है कि गर्भगृह में संगमरमर बदलने का कार्य पिछले बुधवार से शुरू हुआ था। कल से पुनः पुराने नियम पर होगा दर्शन
मंदिर प्रशासन ने प्रारंभिक योजना के अनुसार इसे गुरुवार तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा था। बाद में कार्य की प्रगति धीमी होने पर इसे शनिवार तक बढ़ाया गया, परंतु नियंत्रित समय सीमा में कार्य समाप्त न होने से श्रद्धालुओं के स्पर्श दर्शन पर रोक एक दिन और जारी रखनी पड़ी है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, जैसे ही गर्भगृह का कार्य पूरा हो जाएगा, श्रद्धालुओं के लिए स्पर्श दर्शन की व्यवस्था पुनः शुरू कर दी जाएगी। इस दौरान मंदिर में सामान्य दर्शन, आरती एवं अन्य धार्मिक गतिविधियां पूर्ववत जारी रहेंगी।