कुशीनगर के रामकोला क्षेत्र स्थित मन्नीताल में 26 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निरीक्षण में यह अनियमितता सामने आई, जहां 40 हेक्टेयर कुल क्षेत्रफल में से केवल 14 हेक्टेयर का ही वैध पट्टा पाया गया। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर शनिवार को मन्नीताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसका उद्देश्य ताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना था। उन्होंने ग्रामीणों से प्रवासी पक्षियों लालसर और गौरा की आवाजाही की जानकारी ली और ताल तक पहुंचने वाले रास्ते को चौड़ा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि 40 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले इस तालाब की जमीन पर नियमों को ताक पर रखकर केवल 14 हेक्टेयर का पट्टा दिखाकर पूरे तालाब पर कब्जा कर लिया गया था। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने मौके का मुआयना किया, जिससे यह गंभीर अनियमितता उजागर हुई। डीएम के निरीक्षण में यह भी संकेत मिला कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही के बिना इतना बड़ा अवैध कब्जा संभव नहीं था। यह मामला न केवल सरकारी भूमि के दुरुपयोग का है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण कानूनों का भी उल्लंघन है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से कब्जाई गई 26 हेक्टेयर जमीन को मुक्त कराया जाएगा। दोषी पट्टाधारकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, तालाब को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाएगा और साफ-सफाई व पार्क बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने तहसीलदार कप्तानगंज चंदन शर्मा को मन्नीताल को एक परियोजना के रूप में लेने का निर्देश दिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक केशव कुमार, तहसीलदार चंदन शर्मा, लेखपाल आशुतोष कुमार और अन्य ग्रामीण व कर्मचारी मौजूद रहे।