कोडीनयुक्त कफ सिरप केस में एक और अरेस्टिंग:कानपुर में FIR के 4 महीने बाद मेडिकल स्टोर संचालक विशाल सिंह सिसोदिया अरेस्ट

कानपुर में कोडीनयुक्त कफ सिरप केस में एक और मेडिकल स्टोर संचालक विशाल सिंह सिसोदिया को अरेस्ट किया है। कानपुर से मेडिकल स्टोर संचालक विनोद अग्रवाल के बाद विशाल की दूसरी बड़ी अरेस्टिंग है। विशाल के खिलाफ 4 महीने पहले हनुमंत विहार थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद से शातिर फरार चल रहा था, पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर उसे अरेस्ट करके जेल भेजा है। मेडिकल स्टोर की आड़ में बेच रहा था कोडीनयुक्त कफ सीरप डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि हनुमंत विहार थाने में 5 नवंबर 2025 को औषधि निरीक्षक ने अवैध रूप से कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस एफआईआर में हनुमंत विहार के नई बस्ती बख्तौरीपुरवा निवासी मेसर्स सिसोदिया मेडिसिन हाउस ग्राउंड फ्लोर अर्रा रोड के मालिक विशाल सिंह सिसोदिया मुख्य आरोपी था। पुलिस की चार महीने चली जांच के दौरान आरोपी अंडरग्राउंड हो गया था। इस दौरान जांच में सामने आया कि विशाल अपनी फर्म से कोडीन युक्त प्रतिबंधित औषधि “फैंसीपिक-टी” सिरप का भारी मात्रा में खरीद और बिक्री की जा रही थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अभियुक्त ने विभिन्न तिथियों में बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त औषधियों की खरीद की। विशेष रूप से इधिका लाइफसाइंसेज, लखनऊ से 5250 बोतल फैंसीपिक-टी सिरप क्रय किया गया, जिसके विक्रय से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके अतिरिक्त अन्य स्रोतों से कुल 10,500/- बोतल कोडीन युक्त औषधियों की खरीद की पुष्टि हुई है। निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान बंद पाया गया तथा बाद में भी अभियुक्त द्वारा क्रय-विक्रय अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर एवं बिल-वाउचर प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे यह स्पष्ट है कि औषधियों का विक्रय जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करते हुए एवं तथ्यों को छिपाकर किया गया। पुलिस ने मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध रूप से कोडीनयुक्त सिरप बेचने के आरोपी विशाल को मंगलवार को अरेस्ट कर लिया। उसके कब्जे से एक लैपटॉप, मोबाइल समेत अन्य दस्तावेज बरामद किया है। इस लैपटॉप का उपयोग फर्जी बिल तैयार करने एवं अभिलेखों में हेरफेर हेतु किया जाता था। बरामद डिजिटल उपकरण को पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है।