खादी सिर्फ कपड़ा नहीं विरासत हैं:GIC मैदान में मंडल स्तरीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ, 85 स्टॉल पर सजे स्वदेशी उत्पाद

उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) मैदान में शुक्रवार को मंडल स्तरीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर एवं मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद ऊर्जा राज्यमंत्री व विधायक ने परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्टॉल संचालकों से बातचीत कर उनके उत्पादों की जानकारी ली और चरखा चलाकर खादी निर्माण की प्रक्रिया को भी देखा। ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों को बढ़ावा देना, कारीगरों को बेहतर मंच प्रदान करना और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना है। यह प्रदर्शनी आत्मनिर्भर भारत अभियान के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। प्रदर्शनी में कुल 85 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें खादी वस्त्र, कश्मीरी शॉल, सिल्क साड़ियां, रेडीमेड गारमेंट्स, लकड़ी का फर्नीचर, हस्तशिल्प, मिट्टी के बर्तन, जैविक उत्पाद, देशी घी, अचार, मुरब्बा, धूप-बत्ती और गोबर से बने उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रदर्शित उत्पादों की गुणवत्ता की जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने सराहना की। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने बताया कि जिला ग्रामोद्योग, जिला उद्योग एवं अन्य सरकारी योजनाओं के तहत व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं और महिलाओं को खादी महोत्सव में नि:शुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि वे अपने उत्पादों की बिक्री कर सकें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि यह भले ही मंडल स्तरीय प्रदर्शनी है, लेकिन इसमें देशभर के कारीगरों की स्टॉल देखने को मिलेंगी। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तौगी, अपर जिलाधिकारी (नगर) बृजेश सिंह, पीडीडीआरडीए सुनील कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कारीगर और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।