UPSC में सिलेक्शन को लेकर बिहार की आकांक्षा सिंह और बुलंदशहर की शिखा गौतम के बाद अब गाजीपुर में SDM के ड्राइवर की बेटी प्रियंका चौधरी का दावा भी झूठा निकला। 79वीं रैंक पर गाजीपुर की प्रियंका का नहीं, राजस्थान की प्रियंका का सिलेक्शन हुआ है। मामला सुर्खियों में आने के बाद गाजीपुर की प्रियंका चौधरी ने कहा- मेरी ओर से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया था। मेरे माता-पिता भावुक हो गए थे, जिस वजह से गलतफहमी हुई। यूपी की प्रियंका चौधरी इस समय प्रयागराज में GST इंस्पेक्टर हैं। वहीं, राजस्थान की प्रियंका के पति मुकेश रेप्सवाल चंबा जिले के कलेक्टर हैं। मुकेश रेप्सवाल ने दैनिक भास्कर से फोन पर बताया कि 79वीं रैंक मेरी पत्नी प्रियंका की है। पहले दोनों प्रियंका के बारे में पढ़िए… पहला दावा गाजीपुर की प्रियंका चौधरी का गाजीपुर के जखनिया क्षेत्र में गौरा खास गांव है। यहां रहने वाली प्रियंका चौधरी के पिता नीरा राम ने UPSC में बेटी की 79वीं रैंक का दावा किया था। नीरा राम पिछले करीब 25 साल से सरकारी विभाग में ड्राइवर रहे हैं। वर्तमान में तहसील के रिकॉर्ड रूम में नजारत पद पर तैनात हैं। रिजल्ट आने के बाद बेटी की सफलता पर भावुक होते हुए उन्होंने कहा था- अगर मौका मिला तो मैं अपनी बेटी की गाड़ी चलाने में गर्व महसूस करूंगा। मेरी जिंदगी संघर्षों से भरी रही है। पत्नी की बीमारी और जवान बेटे की डेंगू से मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया था। लेकिन, मेरी बेटियों ने बेटे का फर्ज निभाया और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। आज उनकी वजह से ही लोग मुझे पहचान रहे। प्रयागराज में जीएसटी इंस्पेक्टर हैं प्रियंका चौधरी प्रियंका ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जखनियां के श्री महावीर सूर्योदय उत्तर माध्यमिक विद्यालय से की है। इसके बाद उन्होंने शहीद इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट पूरा किया था। उन्होंने बीएचयू से बीएससी, एमएससी और बीएड किया है। इस समय प्रियंका इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से फिजिक्स भौतिक विज्ञान में पीएचडी कर रही हैं। दिसंबर, 2025 में प्रियंका का चयन जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था। वर्तमान में वह प्रयागराज में तैनात हैं। असली सिलेक्शन हिमाचल की प्रियंका चौधरी का हुआ हिमाचल प्रदेश के चंबा की रहने वाली प्रियंका चौधरी ने भी 79वीं रैंक मिलने का दावा किया। प्रियंका चौधरी मूलरूप से राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली हैं। उनके पति मुकेश रेप्सवाल साल- 2015 बैच के IAS अफसर हैं। उनके पिता शंकर लाल सारण एक कारोबारी हैं, जबकि मां सोहिनी चौधरी गृहिणी हैं। परिवार ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। प्रियंका को चौथे प्रयास में मिली सफलता
प्रियंका चौधरी को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली। वह लगातार सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। पहले प्रयास के दौरान उन्होंने कुछ समय के लिए कोचिंग ली थी। इसके बाद सेल्फ स्टडी और नियमित अभ्यास से अपनी तैयारी जारी रखी। प्रियंका अपने पति मुकेश रेप्सवाल के साथ रहकर परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने पढ़ाई को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हुए रोज 6 से 8 घंटे पढ़ाई की। उनकी इस मेहनत और अनुशासन का परिणाम अब सफलता के रूप में सामने आया है। आईआईटी रुड़की से की पढ़ाई
प्रियंका ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की से भू-भौतिक प्रौद्योगिकी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का टार्गेट तय किया। फिर उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं। पति 2015 बैच के आईएएस अफसर
प्रियंका के पति मुकेश रेप्सवाल साल-2015 बैच के IAS अफसर हैं। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 313वीं रैंक हासिल की थी। वर्तमान में वह चंबा जिले में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। मामला सामने आने के बाद मुकेश ने दैनिक भास्कर को बताया- रैंक-79 मेरी पत्नी प्रियंका की है। अब IAS में सिलेक्शन के ऐसे ही फर्जी दो मामले पढ़िए… 1- बिहार और गाजीपुर की आकांक्षा का मामला सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन, 2025 का फाइनल रिजल्ट 6 मार्च को घोषित किया गया था। रिजल्ट जारी होने के बाद एक ही नाम की दो उम्मीदवारों, आकांक्षा सिंह ने फाइनल मेरिट लिस्ट में 301 रैंक हासिल करने का दावा किया था। दरअसल, UPSC की ओर से जारी मेरिट लिस्ट में AIR- 301 पर आकांक्षा सिंह का नाम दर्ज है, जिनका रोल नंबर 0856794 है। इसी वजह से दोनों उम्मीदवारों के दावे के बाद भ्रम की स्थिति बन गई थी। इसके बाद UPSC ने फाइनल रिजल्ट में रैंक-301 को लेकर 2 आकांक्षा सिंह के दावों पर स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने लेटर जारी कर बताया था कि रैंक-301 यूपी के गाजीपुर की आकांक्षा सिंह की है। 2- दिल्ली और बुलंदशहर की शिखा गौतम का मामला यूपी की शिखा गौतम का IAS बनने का दावा भी फर्जी निकला। 6 मार्च को रिजल्ट आने के बाद शिखा गौतम ने दावा किया था कि उन्होंने 113वीं रैंक हासिल की है। इसी तरह का दावा दिल्ली में रहने वाली शिखा ने भी किया था। उन्होंने UPSC को ई-मेल भेजकर स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की थी। इसके बाद UPSC ने बुलंदशहर की DM श्रुति को जांच कराने के लिए कहा। DM श्रुति ने SDM सदर दिनेश चंद्र से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी थी। SDM ने सदर तहसीलदार मनोज रावत को जांच के लिए शिखा गौतम के घर भेजा। तहसीलदार ने शिखा गौतम के डॉक्यूमेंट्स की जांच की, तो उनका दावा सही नहीं निकला। ———————– ये खबर भी पढ़ेंः- बुलंदशहर की शिखा गौतम का IAS बनने का दावा झूठा, UPSC मेंस भी पास नहीं UPSC- 2025 के रिजल्ट में बिहार की आकांक्षा के बाद अब यूपी की शिखा गौतम का IAS बनने का दावा फर्जी निकला है। 6 मार्च को आए रिजल्ट में शिखा गौतम ने दावा किया था कि उन्होंने 113वीं रैंक हासिल की है। इसी तरह का दावा दिल्ली की रहने वाली शिखा ने भी किया था। उन्होंने UPSC को ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की थी। इसके बाद UPSC ने बुलंदशहर की DM श्रुति को जांच कराने को कहा। पढ़ें पूरी खबर…