गोरखपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर और विश्व शिया समुदाय के नायब-ए-इमाम अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई की शहादत पर रविवार को शोक सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम शेखपुर स्थित इमामबाड़ा अशरफुन्निशा खानम परिसर, शिया जामा मस्जिद के निकट आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। सभा में शिया और सुन्नी समुदाय के लोग शामिल हुए। वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना पूरे मुस्लिम समाज के लिए दुखद है। उपस्थित लोगों ने अमन और इंसानियत बनाए रखने की बात कही। मौलाना शमशाद अब्बास का संबोधन शिया जामा मस्जिद के पेश नमाज मौलाना शमशाद अब्बास ने अपने संबोधन में कहा कि आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई की शहादत ने कर्बला की ऐतिहासिक घटना की याद ताजा कर दी। उन्होंने कहा कि इतिहास में जब-जब अन्याय बढ़ा है, तब-तब कुछ लोगों ने सिद्धांतों के साथ खड़े होकर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि कर्बला में इमाम हुसैन इब्न अली ने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया था। मौलाना ने कहा कि उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश आज भी प्रासंगिक है। नारेबाजी के साथ सभा संपन्न सभा के अंत में मौजूद लोगों ने अमेरिका और इजरायल के विरोध में नारे लगाए। आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और समुदाय से एकजुट रहने की अपील की गई।